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शिक्षा और जागरुकता से बदलेगा हमारा समाजः आशीष पांडेय

किड्स वैली पब्लिक स्कूल में मनाई गई बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती

प्रतापगढ़ (हरिश्चंद्र यादव). किड्स वैली पब्लिक स्कूल, धारूपुर (जलेसरगंज) में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती शैक्षिक और सामाजिक सरोकारों के साथ उत्साहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण और स्टाफ के सभी सदस्य शामिल हुए। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच संविधान, समानता और शिक्षा के मूल्यों को व्यवहारिक रूप से स्थापित करना रहा।

विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इस दौरान बाबा साहेब के जीवन, उनके संघर्ष और योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि किस प्रकार डॉ. अम्बेडकर ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम माना और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया।

कार्यक्रम में सामाजिक समानता, न्याय और संवैधानिक अधिकारों के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय के प्रबंधक आशीष पांडेय ने कहा कि “डॉ. अम्बेडकर का जीवन हमें यह सिखाता है कि शिक्षा और जागरूकता ही समाज में बदलाव ला सकती है। आज के दौर में विद्यार्थियों के लिए यह आवश्यक है कि वे संविधान के प्रति सम्मान और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें।” उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक चेतना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

भीमराव अंबेडकर सभी के प्रेरणास्रोत

वरिष्ठ शिक्षक सुनील पांडेय ने कहा, “बाबा साहेब ने समाज के हर वर्ग को समान अवसर दिलाने के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी प्रेरणास्रोत है। हमें उनके विचारों को केवल पढ़ना ही नहीं, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी उतारना चाहिए।” वहीं अनिलेश पांडेय ने कहा कि “संविधान हमारे अधिकारों की रक्षा करता है, इसलिए विद्यार्थियों को इसकी मूल भावना को समझना बेहद जरूरी है।”

शिक्षा समाज की सबसे बड़ी ताकत

इसी क्रम में सूरज नागर ने कहा कि “डॉ. अम्बेडकर ने शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया। यदि छात्र-छात्राएं शिक्षा के महत्व को समझ लें, तो वे अपने साथ-साथ समाज को भी आगे बढ़ा सकते हैं।” कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और स्टाफ ने बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। विद्यालय प्रबंधन ने ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से जारी रखने की बात कही, ताकि विद्यार्थियों में जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने की भावना विकसित हो सके। कार्यक्रम में प्रशांत मिश्र, अनुज श्रीवास्तव, सिद्धांत पांडेय, वर्षा द्विवेदी समेत समस्त स्टाफ मौजूद रहा।

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