वेतनवृद्धिः नोएडा में 42000 श्रमिकों का उग्र प्रदर्शन, 60 गिरफ्तार

लखनऊ (विजय मिश्र). नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों का आंदोलन सोमवार को अचानक हिंसक मोड़ ले बैठा, जिससे पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से धरना दे रहे कर्मचारियों ने उग्र होकर सड़कों पर प्रदर्शन किया और कई स्थानों पर तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-63 स्थित विपुल मोटर्स परिसर के बाहर खड़े वाहनों को निशाना बनाया और उनमें आग लगा दी। इसी दौरान नेक्सा सर्विस सेंटर में भी घुसकर जमकर तोड़फोड़ की गई। हालात उस वक्त और बिगड़ गए जब भीड़ ने पुलिस की एक गाड़ी पलट दी और सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
दरअसल, यह आंदोलन बीते सप्ताह कपड़ा उद्योग से जुड़े कर्मचारियों की हड़ताल से शुरू हुआ था, जो अब तेजी से फैलते हुए सेक्टर-62 से लेकर सेक्टर-82 तक के कई औद्योगिक इकाइयों को अपनी चपेट में ले चुका है। बड़ी संख्या में विभिन्न फैक्ट्रियों के श्रमिक सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, करीब 42 हजार श्रमिकों ने इस आंदोलन में भाग लिया, जिनमें से कुछ समूहों द्वारा हिंसक गतिविधियां भी की गईं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए अब तक 60 आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
उधर, प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कदम उठाए हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में उच्चस्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्रमिकों की मांगों, आंदोलन के कारणों और समाधान के संभावित रास्तों पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों का कहना है कि श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए संवाद की प्रक्रिया जारी है।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे संकेत भी मिले हैं, जिनसे यह आशंका जताई जा रही है कि आंदोलन को भड़काने में बाहरी तत्वों की भूमिका हो सकती है। कुछ लोग अन्य जिलों से आकर भीड़ को उकसाने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वाले कुछ अकाउंट्स के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
गौतमबुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने श्रमिकों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन श्रमिकों की जायज मांगों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन हिंसा और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


