साइबर ठगी के शिकार युवक को राहत: खाते में वापस आए एक लाख रुपये

भदोही (संजय सिंह). पुलिस की सक्रियता और साइबर हेल्पडेस्क की त्वरित कार्रवाई से एक युवक को बड़ी राहत मिली है। लोन दिलाने के नाम पर हुई साइबर ठगी में गंवाई गई एक लाख रुपये की पूरी रकम न्यायालय के आदेश पर पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।
साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत एक अहम सफलता सामने आई है। थाना ज्ञानपुर की साइबर हेल्पडेस्क ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार युवक की एक लाख रुपये की धनराशि वापस कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना ज्ञानपुर क्षेत्र के बालीपुर निवासी आदित्य सिंह यादव (पुत्र भोलानाथ यादव) के साथ 19 जून 2025 को साइबर ठगी की घटना हुई थी। ठगों ने उन्हें लोन दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते से 1,00,000 रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने तत्काल ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर हेल्पडेस्क थाना ज्ञानपुर ने एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायत और प्रार्थना पत्र का परीक्षण किया तथा त्वरित कार्रवाई शुरू की। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए माननीय न्यायालय के आदेश के क्रम में पूरी धनराशि पीड़ित के खाते में वापस कराई गई।
अपने खाते में पूरी रकम वापस पाकर पीड़ित आदित्य सिंह यादव ने पुलिस अधीक्षक भदोही एवं साइबर हेल्पडेस्क टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने भदोही पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई से उन्हें बड़ी आर्थिक राहत मिली है।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने जनपदवासियों से अपील की है कि साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
साइबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस ने नागरिकों को कुछ अहम सुझाव भी दिए हैं। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। किसी अंजान व्यक्ति के कहने पर कोई भी ऐप डाउनलोड न करें। वर्क फ्रॉम होम या शेयर ट्रेडिंग जैसे ऑफर्स का इस्तेमाल करने से पहले पूरी जानकारी अवश्य लें। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा पैसे की मांग किए जाने पर उसकी अच्छी तरह जांच करें और बिना पुष्टि के कोई लेन-देन न करें। यदि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा गलती से आपके खाते में पैसा आ जाए, तो उसे स्वयं वापस करने के बजाय बैंक के माध्यम से ही लौटाएं। साथ ही, अज्ञात नंबरों से भेजे गए किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचें।
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अंजनी कुमार राय, उपनिरीक्षक रामधनी यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव, कौशल कुमार यादव और रोहित यादव की सक्रिय भूमिका रही।


