अवध

भाकियू पदाधिकारियों ने निकलवाया खून और सीएम को लिखी पाती

बारा तहसील प्रशासन से नहीं मिला न्याय, गुरुवार को राजधानी के लिए करेंगे पैदल मार्च

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). टंडन वन की भूमि को भू माफियाओं से कब्जा मुक्त कराने, वन भूमि पर अवैध कब्जा कराने के आरोपी वन क्षेत्राधिकारी, वन दरोगा को बर्खास्त करने, ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को मुआवजा व आदिवासी, मुसहर परिवार को मुख्यमंत्री आवास देने की मांग को लेकर किसानों का धरना-प्रदर्शन बारा तहसील मुख्यालय पर आज 13वें दिन भी जारी रहा।

अपने निर्धारित प्रोग्राम के मुताबिक भाकियू (भानु) के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने खून निकलवाया और खून से ही विभिन्न मांगों से संबंधित पत्र मुख्यमंत्री को लिखा। भाकियू पदाधिकारियों ने कहा कि अब इसी पत्र के साथ 13 जुलाई, गुरुवार से लखनऊ के लिए पैदल मार्च किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से खत लिखने के लिए भारतीय किसान यूनियन (भानु) के मंडल अध्यक्ष राजीव चंदेल, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष अधिवक्ता राकेश त्रिपाठी, ज़िलाध्यक्ष युवा मोर्चा धर्मेंद्र सिंह,  जिला उपाध्यक्ष दीपक तिवारी,  मंडल उपाध्यक्ष एसबी पाल और सूरज कली शामिल रहीं। खून निकलवाने के बाद सभी ने खून को स्याही के रूप में इस्तेमालकरते हुए मांगों से संबंधित पत्र लिखा।

भारतीय किसान यूनियन (भानु) के बैनर तले धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि बारा तहसील प्रशासन से उन्हे न्याय मिलना मुश्किल है। इसलिए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि न्याय के लिए 13 जुलाई को बारा से पैदल यात्रा कर मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ जाएंगे। मुख्यमंत्री को टंडन वन की भूमि को भूमि माफियाओं से मुक्त करने, ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को मुआवजा देने, आदिवासी परिवारों को आवास देने के मांग की जाएगी। भारतीय किसान यूनियन के किसान-मजदूर बीते 30 जून से बारा तहसील में धरने पर बैठे हैं।

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सैकड़ों की संख्या में धरने पर बैठे किसानों-मजदूरों से उप जिलाधिकारी बारा की तीन चरणों में वार्ता हो चुकी है, जिस पर उप जिलाधिकारी बारा द्वारा गठित राजस्व टीम व वनविभाग के अधिकारियों के समक्ष टंडन वन की पैमाइश कराई गई, जिसमें वन विभाग की सैकड़ों बीघे भूमि पर स्थानीय लोगों द्वारा अवैध कब्जा पाया गया। वन दरोगा उदयभान की तहरीर पर अकौरिया ग्रामसभा के 13 अवैध कब्जा धारकों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 26 व 63 सी के तहत बारा थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई।

वहीँ ग्राम बसहरा उपरहार में वन विभाग की जमीन को अवैध रूप से काश्तकारों को आवंटित पट्टे को निरस्त करने की संस्तुति उप जिलाधिकारी द्वारा कर दी गई है, लेकिन धरने पर बैठे भारतीय किसान यूनियन भानु के मंडल अध्यक्ष राजीव चंदेल का आरोप है कि टंडन वन की पैमाइश व सीमांकन का कार्य कब्जा धारकों को बचाने के लिए किया जा रहा है। टंडन वन की भूमि पर अवैध कब्जा वन विभाग के अधिकारियों की सह पर किया गया है।

रिपोर्ट दर्ज होने पर यह बात साबित हो चुकी है कि टंडन वन पर अवैध कब्जा है, इसलिए वन विभाग के वन क्षेत्राधिकरी व वन दरोगा को निलंबित किया जाना चाहिए। भाकियू भानु के मंडल महासचिव केके मिश्र ने बताया कि मांग पूरी न होने पर 13 जुलाई को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए किसान पैदल लखनऊ जाएंगे। लखनऊ जाने के लिए एसडीएम बारा को ज्ञापन देकर सूचित कर दिया गया है।

अनिश्चित कालीन धरने में युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह,  वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राकेश त्रिपाठी, मंडल उपाध्यक्ष एसबी पाल, जिला उपाध्यक्ष दीपक तिवारी, तहसील संगठन मंत्री लल्लू आदिवासी, श्याम सुंदर आदिवासी, ब्लाक अध्यक्ष जसरा रामबहादुर कुशवाहा, ब्लाक अध्यक्ष शंकरगढ अध्यक्ष अरुण कुमार, ब्लाक महासचिव बसंत बहादुर बिंद, मीडिया प्रभारी पंकज मिश्र,  रमेश पटेल मौजूद रहे।

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