ताज़ा खबरसंसार

खाड़ी में अब ‘एनर्जी वॉर’: गैस फील्ड से रिफाइनरियों तक हमलों ने बदला जंग का चेहरा

इजरायल के साउथ पार्स हमले के बाद ईरान का पलटवार, कतर–सऊदी–यूएई की ऊर्जा इकाइयों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक

The live ink desk. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है, जहां जंग सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि सीधे वैश्विक ऊर्जा तंत्र पर वार शुरू हो गया है। 18 मार्च को इजरायल द्वारा दुनिया के सबसे बड़े गैस भंडार ‘साउथ पार्स गैस फील्ड’ पर किए गए हमले ने पूरे समीकरण बदल दिए हैं।

यह गैस फील्ड ईरान और कतर के बीच साझा है और वैश्विक गैस आपूर्ति की रीढ़ माना जाता है। इस पर हमले के बाद ईरान ने तीखा जवाब देते हुए खाड़ी देशों की प्रमुख रिफाइनरियों और गैस संयंत्रों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

खाड़ी क्षेत्र में जारी यह ‘एनर्जी वॉर’ न सिर्फ क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बनता जा रहा है, बल्कि इसका सीधा असर वैश्विक तेल और गैस बाजार पर भी पड़ सकता है। आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने के संकेत मिल रहे हैं।

युद्ध का फोकस बदला: निशाने पर ऊर्जा ठिकाने

28 फरवरी से जारी इस संघर्ष में शुरुआत में सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमले हो रहे थे, लेकिन अब ‘एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर’ युद्ध का केंद्र बन गया है। साउथ पार्स पर हमले के बाद ईरान ने पड़ोसी देशों—खासतौर पर कतर, यूएई और सऊदी अरब—के ऊर्जा केंद्रों पर मिसाइलें दागीं।

अमेरिकी चेतावनी के बावजूद आक्रामक तेहरान

हमलों से पहले अमेरिका ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी, लेकिन इसका उल्टा असर हुआ। ईरान और अधिक आक्रामक हो गया। साउथ पार्स पर हमले और पिछले दिनों शीर्ष नेताओं की हत्याओं से नाराज तेहरान अब खुलकर जवाबी कार्रवाई कर रहा है।

कुवैत से सऊदी तक रिफाइनरियां बनीं निशाना

ईरान ने कुवैत की मीना अब्दुल्लाह रिफाइनरी पर मिसाइल दागी, जिससे वहां आग लग गई। इसके बाद सऊदी अरब की दिग्गज कंपनी अरामको की SAMREF रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। यह रिफाइनरी करीब 7.3 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता के साथ क्षेत्र की सबसे बड़ी इकाइयों में शामिल है।

कतर के LNG हब पर बड़ा असर

कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल सिटी—जो दुनिया का सबसे बड़ा LNG केंद्र है—पर भी हमले हुए हैं। कतर वैश्विक स्तर पर प्रमुख LNG निर्यातक है, ऐसे में इस हमले के असर से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।

यूएई और सऊदी में भी हमले, प्लांट बंद

अबू धाबी स्थित रुवैस रिफाइनरी पर ड्रोन हमलों के बाद संचालन रोकना पड़ा। वहीं सऊदी अरब के रास तनुरा रिफाइनरी में आग लगने के बाद आंशिक रूप से कामकाज प्रभावित हुआ, हालांकि बाद में स्थिति नियंत्रण में बताई गई।

बढ़ता खतरा, लेकिन जनहानि नहीं

लगातार हो रहे इन हमलों के बीच ईरान ने खाड़ी देशों को और हमलों की चेतावनी दी है और ऊर्जा ठिकानों को खाली करने को कहा है। राहत की बात यह है कि अब तक इन हमलों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन कई गैस और तेल इकाइयों में भीषण आग से भारी नुकसान हुआ है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button