
अलपुझा और कोझीकोड में संक्रमण की पुष्टि के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन, 21 मार्च से शुरू होगा किलिंग ऑपरेशन
The live ink desk. केरल में बर्ड फ्लू (H5N1) के मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अलपुझा और कोझीकोड जिलों में संक्रमण की पुष्टि होते ही सरकार और स्थानीय प्रशासन ने तेजी से सख्त कदम उठाए हैं। वायरस के प्रसार को रोकने के लिए 21 मार्च 2026 से बड़े पैमाने पर पक्षियों को मारने का अभियान शुरू किया जाएगा।
अलपुझा के मुहम्मा ग्राम पंचायत (वॉर्ड-7) और कोझीकोड की कई पंचायतों में संक्रमण मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अलपुझा में 5,961 और कोझीकोड में 14,228 घरेलू पक्षियों—जिनमें मुर्गियां और बत्तखें शामिल हैं—को नष्ट किया जाएगा, ताकि संक्रमण मानव आबादी या अन्य क्षेत्रों तक न फैल सके।
एक किमी दायरे में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
जिलाधिकारी इनबासेकर कलिमुथु की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में तय किया गया कि संक्रमण के केंद्र से 1 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी पक्षियों को खत्म किया जाएगा। इसके लिए पशुपालन विभाग ने विशेष त्वरित प्रतिक्रिया दल (Quick Response Teams) गठित कर दिए हैं, जो 21 मार्च की सुबह से अभियान शुरू करेंगे।
पोल्ट्री बाजार पर ब्रेक, कुक्ड फूड सुरक्षित
संक्रमित क्षेत्रों में एहतियात के तौर पर चिकन और अंडों की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि 70 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान पर अच्छी तरह पका हुआ चिकन और अंडा पूरी तरह सुरक्षित रहता है, क्योंकि इस तापमान पर वायरस निष्क्रिय हो जाता है।
निपटान के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू
प्रशासन ने मृत पक्षियों के सुरक्षित निपटान के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खुले में फेंकने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बजाय गहरे गड्ढों में दफनाने और चूना व ब्लीचिंग पाउडर के उपयोग को अनिवार्य किया गया है। अभियान में शामिल कर्मचारियों को PPE किट, मास्क और दस्ताने पहनने के निर्देश दिए गए हैं।
जनता को सतर्क रहने की सलाह
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं पक्षियों की अचानक मौत या असामान्य व्यवहार दिखे तो तुरंत सूचना दें। साथ ही, बुखार, खांसी या जुकाम जैसे लक्षण नजर आने पर लापरवाही न बरतते हुए तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा गया है।



