तंत्र-मंत्र और सम्मोहन के जाल में फंसाकर करता था शोषण, हाई-प्रोफाइल कनेक्शन की भी जांच तेज
The live ink desk. महाराष्ट्र से सामने आया एक सनसनीखेज मामला अब गंभीर आपराधिक और राजनीतिक आयाम ले चुका है। स्वयंभू ज्योतिषी और तांत्रिक अशोक खरात उर्फ ‘कैप्टन’ को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। नासिक पुलिस की इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, वहीं मामले से जुड़े संभावित हाई-प्रोफाइल लिंक भी जांच के दायरे में हैं।
शिकायत से खुला ‘ढोंगी बाबा’ का राज
पूरा मामला तब उजागर हुआ जब एक 35 वर्षीय महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने खुद को दैवीय शक्तियों का स्वामी बताकर उसका विश्वास जीता और फिर अपने कार्यालय में बुलाकर नशीला पदार्थ देकर कई बार दुष्कर्म किया। यह घटनाक्रम 2022 से 2025 के बीच का बताया जा रहा है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
फार्महाउस से 58 संदिग्ध वीडियो बरामद
जांच के दौरान पुलिस को जो साक्ष्य मिले, उन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। आरोपी के फार्महाउस और कार्यालय से 58 महिलाओं के संदिग्ध आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, इन वीडियो को गुप्त कैमरों के जरिए रिकॉर्ड किया गया था।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी महिलाओं को डराने के लिए तंत्र-मंत्र, सम्मोहन और परिवार को नुकसान पहुंचाने जैसी धमकियों का सहारा लेता था। इन वीडियो में कुछ चर्चित महिलाओं और सेलिब्रिटीज के होने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी गहन जांच जारी है।
सुनियोजित ऑपरेशन में हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले ही सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद नासिक क्राइम ब्रांच ने एक विशेष रणनीति के तहत ऑपरेशन को अंजाम दिया। पुलिस ने इलाके में ‘चोरी’ की सूचना का बहाना बनाकर दबिश दी, ताकि आरोपी को भनक न लगे। एक टीम ने अंदर घुसकर उसकी मौजूदगी की पुष्टि की, जबकि दूसरी टीम बाहर तैनात रही। पुष्टि होते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
SIT का गठन, IPS तेजस्विनी को जांच
राज्य सरकार ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इसकी अगुवाई आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सतपुते कर रही हैं, जो अपने सख्त और नवाचारी पुलिसिंग मॉडल के लिए जानी जाती हैं।
अशोक खरात के कथित राजनीतिक और सामाजिक संबंधों की भी जांच की जा रही है। चर्चा है कि उसके संपर्क महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक प्रभावशाली लोगों से रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई बड़े नामों के साथ उसके संबंधों की चर्चाएं सामने आई हैं, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
‘आध्यात्मिक गुरु’ से आरोपी तक का सफर
मर्चेंट नेवी से रिटायर होने के बाद अशोक खरात ने नासिक के मीरगांव और सिन्नर क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाया। ‘ईशान्येश्वर मंदिर’ और आश्रम के जरिए उसने खुद को एक प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु के रूप में स्थापित किया था, जहां बड़े कारोबारी, राजनेता और समाज के प्रभावशाली लोग भी पहुंचते थे।
यह मामला न सिर्फ एक आपराधिक घटना है, बल्कि आस्था के नाम पर हो रहे शोषण की भी गंभीर तस्वीर पेश करता है। पुलिस और SIT की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।



