तपने लगा आसमानः गर्मी से निपटने को UP सरकार सतर्क,एहतियात बरतें

लखनऊ (विजय मिश्र). उत्तर प्रदेश में बढ़ते तापमान और लू के प्रकोप को देखते हुए सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि गर्मी के दुष्प्रभावों से बचाव के लिए प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सक्रिय है और हर स्तर पर समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ग्रीष्म ऋतु अपने स्वाभाविक रूप में आ चुकी है, लेकिन बढ़ता तापमान लोगों के लिए चुनौती बन सकता है। ऐसे में सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे लापरवाही से बचें और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी निर्देशों का पालन करें।
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का जीवन अत्यंत मूल्यवान है, इसलिए सरकार ने सर्दी की तरह ही गर्मी के मौसम के लिए भी पूर्व तैयारी कर ली है। अस्पतालों, पेयजल व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को सतर्क रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
उन्होंने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों की देखभाल पर जोर देते हुए कहा कि तेज धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सूती या खादी के ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदनाओं को रेखांकित करते हुए पशु-पक्षियों के प्रति भी दया भाव रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में जल की कमी से बेजुबान जीवों का जीवन संकट में पड़ जाता है, इसलिए लोग अपने घरों या आसपास छायादार स्थानों पर पानी से भरे बर्तन अवश्य रखें।
इसके साथ ही उन्होंने आगजनी की बढ़ती घटनाओं पर भी चिंता जताई और कहा कि गर्मी के मौसम में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। नागरिकों से अपील है कि ज्वलनशील वस्तुओं के उपयोग में सावधानी बरतें और सुरक्षा मानकों का पालन करें।
प्रशासन ने भी लोगों से सहयोग की अपेक्षा जताई है, ताकि सामूहिक प्रयासों से भीषण गर्मी के प्रभाव को कम किया जा सके और जनजीवन को सुरक्षित रखा जा सके।
