लूट, स्नेचिंग का गिरोह चला रहे थे ‘नेता जी’, पुलिस ने दबोचा
प्रतापगढ़ (हरिश्चंद्र यादव). समाज में कथित तौर पर ‘नेता जी’ के रूप में पहचान रखने वाला एक व्यक्ति लूट और चेन स्नेचिंग की घटनाओं का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से नकदी, अवैध हथियार और कारतूस बरामद कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, महेशगंज थाना क्षेत्र के पूरे गजई गांव निवासी अशोक तिवारी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था। जांच में सामने आया कि उसने अपने सहयोगियों—विपिन सिंह (निवासी शीतला बक्श का पुरवा, थाना संग्रामपुर, अमेठी) और सतीश पटेल (निवासी महमदपुर चारपुर, थाना महेशगंज)—के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से चैन स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देने की साजिश रची थी।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि आर्थिक तंगी और खराब सिविल स्कोर के चलते उसने अपराध का रास्ता चुना। सोने की ऊंची कीमतों को देखते हुए उसने महिलाओं को निशाना बनाने की योजना बनाई। 16 मार्च 2026 को उसने अपने दोनों साथियों को बुलाकर उन्हें अवैध तमंचे और कारतूस उपलब्ध कराए और अलग-अलग क्षेत्रों में वारदात के लिए भेजा।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले लालगंज क्षेत्र में एक महिला से चैन छीनने का प्रयास किया, जो विफल रहा। इसके बाद उन्होंने पूरनपुर खजूर स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ा रही शिक्षिका को निशाना बनाकर उसकी चैन लूट ली। लूटी गई चैन का एक हिस्सा अशोक तिवारी को दिया गया, जिसे उसने राह चलते एक व्यक्ति को 42,500 रुपये में बेच दिया। इस रकम में से 10,000 रुपये उसने अपने साथी सतीश पटेल को दिए, जबकि शेष राशि का अधिकांश हिस्सा खर्च कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से 2,200 रुपये नकद बरामद किए हैं।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए। जब उससे हथियारों के लाइसेंस संबंधी दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका और अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगने लगा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों को पहले ही मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया जा चुका है। पूरे गिरोह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और अन्य संभावित आपराधिक कड़ियों की भी जांच जारी है।
