The live ink desk. पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव तीव्र हो गया है। शनिवार सुबह इजराइल ने अमेरिका (Isreal-US) के साथ मिलकर ईरान (Iran) की राजधानी तेहरान सहित 10 शहरों पर हवाई हमले किए।
ईरानी समाचार एजेंसियों के अनुसार, दक्षिणी ईरान में एक स्कूल परिसर पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मृत्यु हुई तथा 45 अन्य घायल हुईं। हमलों के प्रमुख निशानों में सैन्य प्रतिष्ठान और रणनीतिक ठिकाने बताए गए हैं।
इजराइल (Isreal) ने अपने अभियान को ‘लायन्स रोर’ नाम दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी नागरिकों और क्षेत्रीय हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से की गई।
ईरान ने आरोप लगाया कि हमले का उद्देश्य उसके सामरिक ढांचे और नेतृत्व को निशाना बनाना था। ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को भी संभावित लक्ष्य बताया गया, हालांकि वे सुरक्षित हैं।
जवाबी कार्रवाई में ईरान (Iran) ने इजराइल पर लगभग 400 मिसाइलें दागने का दावा किया। इसके अतिरिक्त कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने की बात कही गई। दुबई में विस्फोटों की आशंका के बीच प्रमुख प्रतिष्ठानों को एहतियातन खाली कराया गया।
ईरान (Iran) के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने संयुक्त हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और इसकी निंदा की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान वार्ता के लिए तैयार है, बशर्ते उसकी संप्रभुता का सम्मान किया जाए।



