The live ink desk. ईरान (Iran) पर हुए हमलों और उसके पलटवार के बाद पश्चिम एशिया में व्यापक अस्थिरता की स्थिति बन गई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई शहर में सुरक्षा कारणों से कई प्रमुख इमारतों को खाली कराया गया और हवाई अड्डों पर परिचालन अस्थायी रूप से निलंबित किया गया। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द या डायवर्ट किया गया है।
भारत सरकार ने क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए परामर्श जारी कर अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय दूतावासों के संपर्क में रहने की सलाह दी है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइंस को 2 मार्च तक ईरान (Iran), इजराइल (Isreal), लेबनान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, इराक, जॉर्डन, कुवैत और कतर के हवाई क्षेत्र से परहेज करने का निर्देश दिया है।
वहीं, बढ़ते संघर्ष को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने आपात बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। रूस और चीन ने सैन्य कार्रवाई पर चर्चा के लिए बैठक की मांग की, जबकि फ्रांस, बहरीन और कोलंबिया ने भी समर्थन किया। बैठक में क्षेत्रीय स्थिरता, नागरिक सुरक्षा और तनाव कम करने के उपायों पर विचार किए जाने की संभावना है।
चीन सहित कई देशों ने हमलों पर चिंता व्यक्त की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता अब संघर्ष के विस्तार को रोकने और कूटनीतिक समाधान तलाशने पर केंद्रित है। क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट उच्च स्तर पर है और मानवीय स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।


