जौनपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़, सीतापुर समेत सात जिलों में चकबंदी प्रक्रिया पूरी

सूबे के आधा दर्जन जिलों के सात गांवों में करवाई गई चकबंदी, धारा 52(1) के तहत प्रख्यापन जारी
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में लंबित चकबंदी कार्यों के निस्तारण की दिशा में प्रगति दर्ज करते हुए छह जनपदों के सात गांवों में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण कर दी गई है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम की धारा 52(1) के अंतर्गत प्रख्यापन जारी कर संपन्न की गई, जिसके साथ ही संबंधित गांवों में चकबंदी क्रियाएं औपचारिक रूप से समाप्त हो गईं।
चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने विभागीय जनपदीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए थे।
निर्देशों के अनुपालन में जनपद जौनपुर, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, सीतापुर, महाराजगंज और लखीमपुर खीरी के सात गांवों में चकबंदी कार्य पूर्ण कराया गया। संबंधित जिलाधिकारियों और बंदोबस्त अधिकारियों द्वारा परीक्षण के उपरांत प्रस्ताव आयुक्त को प्रेषित किए गए, जिनकी स्वीकृति के बाद धारा 52(1) के अंतर्गत अंतिम प्रख्यापन जारी किया गया।
पूर्ण किए गए गांवों में जनपद जौनपुर का ग्राम कैलावर, कौशाम्बी का ग्राम चायल तथा प्रतापगढ़ का ग्राम बादशाहपुर उल्लेखनीय हैं, जहां क्रमशः लगभग 30 वर्ष, 19 वर्ष और 17 वर्ष से चकबंदी प्रक्रिया लंबित थी। विभागीय पर्यवेक्षण और जिला प्रशासन के समन्वय से इन लंबित मामलों का निस्तारण संभव हो सका।
विभाग के अनुसार, चकबंदी पूर्ण होने से कृषकों को भूमि अभिलेखों की स्पष्टता, मार्ग और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के विकास में सुविधा मिलेगी तथा ग्रामीण स्तर पर विकास कार्यों को गति प्राप्त होगी। वर्तमान में विभिन्न जनपदों में ग्राम चौपालों के माध्यम से जनसहभागिता बढ़ाई जा रही है, जिससे शेष लंबित चकबंदी कार्यों में भी प्रगति सुनिश्चित की जा सके।

