The live ink desk. टी-20 विश्व कप की प्रतिस्पर्धी हलचल के बीच भारतीय टीम के उभरते बल्लेबाज़ रिंकू सिंह को गहरा व्यक्तिगत आघात लगा है। उनके पिता खचंद्र सिंह का गुरुवार तड़के 4:36 बजे स्टेज-4 लीवर कैंसर से लंबी जंग के बाद निधन हो गया। वे ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ अस्पताल में भर्ती थे, जहां उनका उपचार चल रहा था।
परिजनों के अनुसार, खचंद्र सिंह की स्थिति पिछले कुछ दिनों से अत्यंत नाज़ुक थी। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था और डॉक्टरों की टीम लगातार रीनल थेरेपी सहित गहन चिकित्सा दे रही थी। तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी सेहत में सुधार नहीं हो सका और अंततः उन्होंने अंतिम सांस ली।
विश्व कप ड्यूटी के बीच व्यक्तिगत क्षति
यह दुखद घटना ऐसे समय आई है जब भारतीय टीम ICC Men’s T20 World Cup में अहम मुकाबलों में व्यस्त है। जिम्बाब्वे के खिलाफ सुपर-8 मैच से पहले जब उनके पिता की हालत बिगड़ी थी, तब रिंकू घर लौटे थे और बाद में टीम से दोबारा जुड़ गए थे। पिता के निधन के बाद वह पुनः अपने परिवार के पास लौट गए हैं।
जिम्बाब्वे के विरुद्ध मुकाबले में वह अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं थे। टीम संयोजन में बदलाव करते हुए संजू सैमसन और अक्षर पटेल को मौका दिया गया था। हालांकि रिंकू स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में टीम के साथ मौजूद रहे।
टूर्नामेंट में अब तक रिंकू पांच मैच खेल चुके हैं और सीमित अवसरों में फिनिशर की भूमिका निभाई है।
आगे की उपलब्धता पर संशय
भारत का अगला महत्वपूर्ण मुकाबला कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रस्तावित है, जिसे लगभग नॉकआउट जैसी स्थिति माना जा रहा है। ऐसे में रिंकू की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अभी तक भारतीय क्रिकेट बोर्ड या टीम प्रबंधन की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह रिंकू और उनके परिवार के लिए अत्यंत कठिन समय है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति मिलने की कामना की।
रिंकू सिंह के इस निजी शोक के बीच पूरा क्रिकेट समुदाय उनके साथ खड़ा है और उनके परिवार के प्रति संवेदना जता रहा है।




