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US-Israel के ज्वाइंट एरियल अटैक में IRGC के प्रवक्ता जनरल मोहम्मद नैनी की मौत

The live ink desk. पश्चिम एशिया में जारी सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी-इजराइली संयुक्त हमले में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गई। आधिकारिक पुष्टि के अनुसार, हालिया मिसाइल हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्होंने शुक्रवार को दम तोड़ा, जिससे क्षेत्रीय तनाव और अधिक भड़क गया है।

ईरानी सरकारी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग के हवाले से कहा गया है कि नैनी को सीधे निशाना बनाकर किए गए हमले में मारा गया। संगठन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संकेत दिया है कि जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी और संघर्ष तब तक थमेगा नहीं जब तक विरोधी पक्ष पर निर्णायक दबाव न बन जाए। इस बयान के बाद खाड़ी क्षेत्र में हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं।

ईरानी सरकारी प्रसारण में नैनी की मौत को ‘शहादत’ बताते हुए उनकी भूमिका और सैन्य पृष्ठभूमि का उल्लेख किया गया, हालांकि मृत्यु के सटीक समय का खुलासा नहीं किया गया। ताजा हमलों में पूर्वी तेहरान, करज, केरमान, बंदर लेंगेह और काशान समेत कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। 68 वर्षीय नैनी काशान के निवासी थे और वर्ष 2024 में उन्हें आईआरजीसी का आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त किया गया था।

हमले से ठीक पहले दिए गए एक बयान में नैनी ने दावा किया था कि ईरान युद्ध की स्थिति में भी मिसाइल निर्माण क्षमता बनाए रखने में सक्षम है। इस बीच लेबनान में भी इजराइली हवाई कार्रवाई तेज हुई है, जहां टायर के पास बाफ़्लियेह में एक घर पर हमले में दो लोगों की मौत और एक के घायल होने की खबर है, जबकि बिंत जबील, अल-तयरी और कफर तेबनित क्षेत्रों में भी लगातार बमबारी जारी है।

कूटनीतिक मोर्चे पर भी हलचल तेज है, जहां जापान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में युद्धपोत भेजने के अमेरिकी प्रस्ताव से फिलहाल दूरी बना ली है। जापानी नेतृत्व ने अपने संवैधानिक प्रतिबंधों का हवाला देते हुए वैकल्पिक सहयोग की पेशकश की, जबकि वाशिंगटन ने इसे सहयोगी भूमिका का हिस्सा बताया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी चेतावनी के बावजूद इजराइल ने ईरान के गैस और सामरिक ढांचे पर नए सिरे से हमले तेज कर दिए हैं। 28 फरवरी से जारी इस संघर्ष में हजारों लोगों की जान जा चुकी है और इसका असर पड़ोसी देशों के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी स्पष्ट दिखने लगा है। इजराइली रक्षा बलों ने तेहरान के केंद्रीय इलाकों में नई सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है।

इसी क्रम में बहरीन, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने भी तड़के मिसाइल हमलों का सामना करने की जानकारी दी है। इन हमलों को क्षेत्रीय ऊर्जा ठिकानों पर ईरान की जवाबी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ईरानी सेना ने संकेत दिया है कि ऊर्जा ढांचे पर हमलों के बाद युद्ध अब नए चरण में प्रवेश कर चुका है और अमेरिकी हितों से जुड़े ठिकाने भी इसके दायरे में आ गए हैं।

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