
The live ink desk. खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने लगातार दूसरे दिन कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है और हालात व्यापक संघर्ष की दिशा में बढ़ते दिख रहे हैं।
समाचार एजेंसियों के अनुसार, ईरानी सेना ने फारस की खाड़ी में ऊर्जा ढांचे को केंद्र में रखकर यह कार्रवाई की, जबकि दूसरी ओर अमेरिका और इजराइल की ओर से तेहरान पर दबाव और हमलों का सिलसिला जारी है, जिससे पूरे क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं।
कुवैत पेट्रोलियम कार्पोरेशन ने हमले की पुष्टि की
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने पुष्टि की है कि हमले के बाद रिफाइनरी की कई इकाइयों में आग लग गई, जिसके चलते संचालन के कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और आपातकालीन दलों ने आग पर नियंत्रण के प्रयास तेज कर दिए हैं।
गौरतलब है कि एक दिन पहले भी ईरानी ड्रोन हमलों में मीना अल-अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया था, जहां आग लगने की घटनाएं सामने आई थीं, हालांकि बाद में स्थिति को काबू में कर लिया गया था।
कुवैत, कतर और सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर हमला
दरअसल, इजराइल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर किए गए हमले के बाद से ही ईरान ने खाड़ी के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके तहत कुवैत, कतर और सऊदी अरब के विभिन्न ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है।
इस बढ़ते टकराव के बीच तेहरान ने अमेरिका समर्थित देशों के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी दी थी, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखा और कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्थिति को लेकर संतुलन बनाने की कोशिश करते हुए संकेत दिया कि क्षेत्रीय हमलों की तीव्रता सीमित रखने पर जोर दिया जा रहा है।
ईरान के निशाने पर आया अमेरिकी फाइटर जेट एफ-35
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ा युद्ध 21वें दिन और व्यापक हो गया। इस जंग में संभवतः पहली बार अमेरिका की सैन्य क्षमता को तगड़ी चोट लगी है। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी एफ-35 लड़ाकू विमान (फाइटर जेट) को नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा इजराइल की रिफाइनरी पर ईरान ने बमबारी कर उसे उड़ाने की कोशिश की है। ईरान ने अमेरिकी एफ-35 फाइटर जेट पर हमले का वीडियो भी जारी किया है।
सीएनएन, अल जजीरा और अन्य कुछ देशों के संचार माध्यमों की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एफ-35 पर हमले का वीडियो फुटेज तो जारी किया है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। यह जरूर है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्वीकार किया कि एक एफ-35 जेट को ईरान के ऊपर मिशन के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान को मिडिल-ईस्ट के किसी देश में उतारा गया है। कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स के मुताबिक, विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है और पायलट सुरक्षित है। घटना की जांच जारी है।



