
नई दिल्ली. विदेश मंत्रालय ने खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में जारी तनाव के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए व्यापक कदम उठाए हैं। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र के घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है और भारतीय समुदाय की हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है।
मंत्रालय के अनुसार, एक समर्पित 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय है, जो विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय कर रहा है। वहीं, भारतीय दूतावास और मिशन चौबीसों घंटे काम करते हुए हेल्पलाइन सेवाएं चला रहे हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ संपर्क बनाए हुए हैं।
सरकार ने जानकारी दी कि 28 फरवरी से अब तक 3.5 लाख से अधिक भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से स्वदेश लौट चुके हैं। संयुक्त अरब अमीरात से आज लगभग 90 उड़ानों के संचालन की संभावना है, जबकि सऊदी अरब और ओमान से भी नियमित उड़ानें जारी हैं। आंशिक रूप से खुले हवाई क्षेत्र के बीच कतर एयरवेज द्वारा भारत के लिए 9 से 10 विशेष उड़ानें संचालित किए जाने की उम्मीद है।
हालांकि, कुवैत और बहरीन का हवाई क्षेत्र फिलहाल बंद है। इस स्थिति में जजीरा एयरवेज ने सऊदी अरब के अल क़ैसुमाह एयरपोर्ट से भारत के लिए उड़ानें शुरू की हैं, जबकि गल्फ एयर दम्मम एयरपोर्ट से विशेष सेवाएं चला रही है। कुवैत, बहरीन और इराक से आने वाले यात्रियों के लिए सऊदी अरब के जरिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया गया है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस संकट के दौरान छह भारतीय नागरिकों की मृत्यु हुई है और एक व्यक्ति अभी लापता है। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, ओमान और इराक में स्थित भारतीय मिशन संबंधित स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं, ताकि लापता नागरिक का पता लगाया जा सके और मृतकों के पार्थिव शरीर को शीघ्र भारत लाया जा सके।
सरकार ने दोहराया है कि क्षेत्र में फंसे प्रत्येक भारतीय की सुरक्षा, सहायता और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेंगे।


