
नई दिल्ली. भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों (Assembly Elections 2026) और उपचुनावों को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं (AMF) और समुचित सहायता उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा, ताकि मतदान प्रक्रिया को सहज और सुगम बनाया जा सके।
आयोग (Election Commission) ने 15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों (Assembly Elections 2026) के साथ ही छह राज्यों में उपचुनाव की घोषणा की थी। इस संदर्भ में आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे कुल 2,18,807 मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
निर्देशों के अनुसार, हर मतदान केंद्र पर पीने का स्वच्छ पानी, छायादार प्रतीक्षा स्थल, शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप, मानक मतदान कक्ष और स्पष्ट संकेतक अनिवार्य रूप से उपलब्ध होंगे। इसके अलावा लंबी कतारों को ध्यान में रखते हुए नियमित अंतराल पर बैठने के लिए बेंच लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक बूथ पर मानकीकृत ‘मतदाता सुविधा पोस्टर’ लगाए जाएंगे। इन पोस्टरों में मतदान केंद्र की जानकारी, उम्मीदवारों की सूची, जरूरी दिशा-निर्देश, मान्य पहचान पत्रों की सूची और मतदान प्रक्रिया से संबंधित जानकारी शामिल होगी।
हर मतदान केंद्र पर ‘मतदाता सहायता बूथ’ (VAB) भी स्थापित किया जाएगा, जहां बूथ लेवल अधिकारी और कर्मचारी मतदाताओं को उनकी मतदान सूची में नाम, बूथ नंबर और क्रम संख्या खोजने में मदद करेंगे। ये सहायता केंद्र स्पष्ट संकेतों के साथ प्रवेश द्वार के पास स्थापित किए जाएंगे, ताकि मतदाताओं को तुरंत सहायता मिल सके।
आयोग (Election Commission) ने एक और महत्वपूर्ण सुविधा के तहत मतदान केंद्र के बाहर मोबाइल फोन जमा करने की व्यवस्था भी अनिवार्य की है। मतदाता मतदान कक्ष में प्रवेश से पहले अपने मोबाइल फोन बंद कर निर्धारित स्वयंसेवक के पास जमा कर सकेंगे और मतदान के बाद वापस प्राप्त करेंगे।
निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने दोहराया है कि सभी व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। फील्ड अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि Assembly Elections के मतदान तिथियों से पहले सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं, ताकि प्रत्येक मतदाता को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित मतदान अनुभव मिल सके।



