
The live ink desk. पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच ईरान ने साफ किया है कि उसने रणनीतिक महत्व के होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया है। ईरान का कहना है कि केवल उन जहाज़ों को निशाना बनाया गया है, जो हमलावर देशों के सहयोगी माने जा रहे हैं, जबकि अन्य जहाज़ों के लिए समुद्री मार्ग सुरक्षित और खुला रखा गया है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने एक साक्षात्कार में कहा कि वैश्विक व्यापार को बाधित करने का कोई इरादा नहीं है और जलडमरूमध्य से सामान्य जहाज़ों की आवाजाही जारी है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जापान जैसे देशों के जहाज़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान प्रतिबद्ध है।
ईरान ने इस बात पर जोर दिया कि वह केवल अस्थायी युद्धविराम के पक्ष में नहीं है, बल्कि संघर्ष का स्थायी समाधान चाहता है। विदेश मंत्री ने कहा कि किसी भी संभावित समझौते में भविष्य में हमलों की रोकथाम और हुए नुकसान की भरपाई की स्पष्ट गारंटी शामिल होनी चाहिए।
अराकची ने अमेरिका-इजराइल की सैन्य कार्रवाई को अवैध और बिना उकसावे का कदम बताते हुए कहा कि ईरान की प्रतिक्रिया आत्मरक्षा के दायरे में है और यह जारी रहेगी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर जापान से अपील की कि वे इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाएं और क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के चलते पूरे क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर देखा जा रहा है।





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