
समुद्री सुरक्षा पर सरकार सतर्क, भारतीय नाविक और जहाज सुरक्षित; 24×7 निगरानी जारी
नई दिल्ली. पश्चिमी फारस की खाड़ी समेत संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत सरकार ने अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर व्यापक निगरानी तंत्र सक्रिय कर रखा है। बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारतीय ध्वज वाले जहाजों की आवाजाही, बंदरगाह संचालन और समुद्री व्यापार पूरी तरह सामान्य है तथा किसी प्रकार की बाधा नहीं है।
मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले किसी भी जहाज से जुड़ी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है और क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। वर्तमान में पश्चिमी फारस की खाड़ी में 22 भारतीय ध्वज वाले जहाज संचालित हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक तैनात हैं। इनकी सुरक्षा और संचालन पर पोत परिवहन महानिदेशालय लगातार नजर बनाए हुए है।
स्थिति पर करीबी निगरानी के लिए डीजी शिपिंग का कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है। अब तक कुल 3,730 कॉल और 7,058 ईमेल का जवाब दिया जा चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटों के दौरान 60 कॉल और 129 ईमेल शामिल हैं। आपात समन्वय तंत्र के जरिए जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और विदेशी भारतीय मिशनों से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
सरकार के प्रयासों से अब तक 547 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 13 नाविक शामिल हैं। इसके साथ ही देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर परिचालन सामान्य बना हुआ है और कहीं भी जाम या अवरोध की स्थिति नहीं है। राज्य समुद्री बोर्डों ने भी सुचारू संचालन की पुष्टि की है।
मंत्रालय ने कहा है कि नाविकों के कल्याण और समुद्री गतिविधियों की निर्बाधता सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र के सभी हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है।
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