
नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत के ईंधन बाजार पर भी साफ दिखने लगा है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जबकि आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत देते हुए सामान्य पेट्रोल और डीजल के दाम यथावत रखे गए हैं।
नई दरों के अनुसार प्रीमियम पेट्रोल 2.09 रुपये प्रति लीटर महंगा होकर 111.68 रुपये से बढ़कर 113.77 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत में भारी उछाल दर्ज किया गया है, जो 87.67 रुपये से बढ़कर सीधे 109.59 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है। इस वृद्धि का सीधा असर औद्योगिक गतिविधियों और परिवहन लागत पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
दूसरी ओर, आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है, जबकि मुंबई में पेट्रोल 103.50 रुपये और डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर कायम है।
विशेषज्ञों के अनुसार प्रीमियम पेट्रोल उच्च ऑक्टेन (95 या उससे अधिक) वाला ईंधन होता है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से उच्च प्रदर्शन वाले वाहनों में किया जाता है। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने से उन उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जो बेहतर इंजन दक्षता के लिए इस ईंधन का उपयोग करते हैं।
हालांकि कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है, लेकिन बाजार विश्लेषक इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से जोड़कर देख रहे हैं। इससे पहले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में लागत का दबाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।


