
The live ink desk. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन ने ब्रिक्स देशों से हस्तक्षेप कर क्षेत्रीय हालात को नियंत्रित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स समूह को ईरान पर हो रहे हमलों को रोकने में प्रभावी और सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन ने अपने बयान में जोर दिया कि ब्रिक्स देशों को किसी बाहरी दबाव से मुक्त होकर स्वतंत्र निर्णय लेने चाहिए और मौजूदा संकट के समाधान के लिए आगे आना चाहिए। उनके अनुसार, उभरती अर्थव्यवस्थाओं का यह समूह वैश्विक संतुलन कायम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि मध्य पूर्व के देशों को मिलकर एक नया क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा तैयार करना चाहिए। पजशकियान का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से क्षेत्र में स्थिरता और शांति को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही बाहरी हस्तक्षेप भी सीमित किया जा सकेगा।
इससे पहले ईरानी राष्ट्रपति ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बातचीत की थी, जिसमें उन्होंने अमेरिका और इजराइल के हमलों को “अमानवीय” करार दिया। उन्होंने कहा कि ईरान पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं और क्षेत्र में तनाव बढ़ाने के लिए इजराइल जिम्मेदार है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अब वैश्विक मंचों के जरिए कूटनीतिक समर्थन जुटाने की रणनीति अपना रहा है। ब्रिक्स का उल्लेख इस दिशा में एक संकेत माना जा रहा है, जिससे ईरान पश्चिमी प्रभाव से अलग वैकल्पिक वैश्विक मंचों पर अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।




