नगर निगम के पार्षद प्रत्याशी से भी कम खर्च कर सकेंगे चेयरमैन की कुर्सी के दावेदार
मेयर प्रत्याशी 40 लाख, पार्षद प्रत्याशी तीन लाख और नपं के अध्यक्ष प्रत्याशी को 2.5 लाख रुपये खर्च करने की परमीशन
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). नगर निकाय चुनाव-2023 में महापौर, पार्षद (सभासद), नगर पंचायत अध्यक्ष और पंचायतो के सदस्य पद के दावेदारों की व्यय सीमा निर्धारित कर दी गई है। नगर निगम के मेयर प्रत्याशी को 40 लाख रुपये और पार्षद प्रत्याशी को तीन लाख रुपये खर्च करने की छूट है। जबकि नगर पंचायतों के चेयरमैन को सिर्फ ढाई लाख रुपये चुनाव व्यय करने की इजाजत है। प्रत्याशियों को 24 से 30 अप्रैल, एक मई से सात मई एवं आठ मई से 15 मई के बीच तीन दफा अपने खर्च का लेखा परीक्षण करवाना होगा।
नोडल अधिकारी/मुख्य कोषाधिकारी शिवेंद्र सिंह ने बताया कि निर्वाचन व्यय की निर्धारित सीमा के अनुसार महापौर पद की व्यय सीमा 40 लाख, पार्षद पद की 03 लाख, नगर पंचायत अध्यक्ष पद की 2.5 लाख एवं नगर पंचायत सदस्य पद की व्यय सीमा 50 हजार रुपये निर्धारित की गई है।
निर्वाचन व्यय रजिस्टर में नामांकन तिथि से चुनाव परिणाम का लेखा-जोखा रखा जाएगा। निर्वाचन व्यय के लिए अलग से बैंक खाता खोलना आवश्यक है। उसी बैंक खाते से ही चुनाव का सारा खर्च किया जाएगा। सभी उम्मीदवारों को व्यय रजिस्टर की अधिकृत प्रति संबंधित आरओ (रिटर्निंग आफीसर) से प्राप्त करनी होगी। इसके अलावा व्यय लेखा परीक्षण कलेक्ट्रेट कोषागार के नवीन भवन में स्थापित व्यय अनुवीक्षण कक्ष में लेखा टीम से कराना होगा।
उम्मीदवारों को लेखा परीक्षण तीन बार कराना होगा, जिसमें प्रथम अवधि 24 से 30 अप्रैल तक, द्वितीय अवधि एक मई से सात मई तक तथा तृतीय अवधि आठ मई से 15 मई तक निर्धारित की गई है। लेखा परीक्षण का समय प्रातः 10 बजे से 5 बजे तक (किसी भी कार्यालय दिवस में) निर्धारित है।




