अवध

अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के हैंडपंप से शंकरगढ़ के चार गांवों में बुझेगी प्यास

कंपनी की तरफ से प्रभावित क्षेत्र के गाढ़ा कटरा, लोहगरा (सपेरा बस्ती), कपारी और बेरुई में करवाई हैंडपंप की स्थापना

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). अल्ट्राटेक सीमेंट (Ultratech Cement ) वर्क्स, बारा ने अपने क्षेत्र के चार गांवों में इंडिया मार्का हैंडपंप की स्थापना करवाई है। यह सभी गांव प्रयागराज पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड से प्रभावित गांवों में आते हैं। निगमित सामाजिक उत्तर दायित्व के तहत अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी ने उन गांवों का चयन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जल संसाधनों के आधार पर किया गया। भीषण गर्मी के सीजन में आबादी, बस्ती के आसपास इंडिया मार्का हैंडपंप (India Marka Hand Pump) की सुविधा मिलने पर स्थानीय ग्रामीणों ने हर्ष जताया है।

अल्ट्राटेक बारा यूनिट (Ultratech Cement ) के एचआर हेड संजय सिंह ने बताया कि सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाने वाली अल्ट्राटेक कंपनी ने क्षेत्र के गाढ़ा कटरा, लोहगरा (सपेरा बस्ती), कपारी और बेरुई में इंडिया मार्का हैंडपंपों (India Marka Hand Pump) की स्थापना करवाई है। शुक्रवार को इन हैंडपंपों को ग्रामीणों के सुपुर्द कर दिया गया। संजय सिंह ने बताया कि यह क्षेत्र पहाड़ी है। यहां पर पेयजल की किल्लत हमेशा बनी रहती है। इस वजह से कंपनी ने लोगों की इस समस्या को दूर करने की दिशा में एक प्रयास किया है। हैंडपंप स्थापना केदौरान पर्यावरण अधिकारी गोपी कृष्ण तिवारी समेत स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।

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बताते चलें कि 1 अप्रैल, 2014 को कंपनी अधिनियम में सीएसआर (CSR) कानून को लागू किया गया। इसके बाद से भारत में (CSR) अनिवार्य हो गया। हालांकि CSR कानून लागू होने के पहले भी कंपनियां सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करती थीं। उस समय सामाजिक काम कंपनियों के विवेक पर निर्भर हुआ करते थे, लेकिन CSR कानून आने के बाद कंपनियां इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए बाध्य हैं।

कंपनी अधिनियम की धारा 135 के अनसुार, कंपनी अपने आसपास के स्थानीय क्षेत्र को वरीयता देती है, जहां वह सीएसआर (CSR) गतिविधियों के लिए निर्धारित राशि खर्च करने के लिए कार्य करती है। भारत में कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व केंद्र सरकार के अधीन आता है। सीएसआर के मामलों की निगरानी भारत सरकार के कंपनी मामलों का मंत्रालय करता है।

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