आयुष अपहरण-हत्याकांडः रातभर चला आपरेशन, मुठभेड़ में हत्यारा ढेर

पुराने विवाद से जुड़ी साजिश का खुलासा, अपहरण की सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस, रातभर चला सघन पुलिस ऑपरेशन
प्रयागराज/चित्रकूट (आलोक गुप्ता). प्रयागराज से सटे चित्रकूट जनपद के बरगढ़ थाना क्षेत्र में व्यापारी के पुत्र आयुष केसरवानी उर्फ छोटू के अपहरण और नृशंस हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह मामला अब केवल अपहरण और हत्या तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके पीछे पूर्व नियोजित साजिश और पुराने घरेलू विवाद की परतें भी खुलने लगी हैं। 13 वर्षीय आयुष कक्षा सात का छात्र था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 22 जनवरी की रात लगभग आठ बजे आयुष के परिजनों को उसके अपहरण की जानकारी मिली। आशंका होते ही परिजनों ने बिना समय गंवाए बरगढ़ थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए और तत्काल विशेष टीमों का गठन कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया। पूरी रात संभावित इलाकों में दबिश, नाकाबंदी और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों की तलाश की जाती रही।
जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग उस व्यक्ति से जुड़ा मिला, जो पहले आयुष के परिवार के मकान में किराए पर रह चुका था। पुलिस जांच में सामने आया कि 10 दिसंबर को उक्त किराएदार से मकान खाली कराया गया था, जिसके बाद से वह परिवार से रंजिश रखने लगा था। मकान खाली कराने को लेकर दोनों पक्षों में पहले से विवाद और तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जिसे आरोपी मन में पाले हुए था।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण से पुलिस को यह पुष्टि हुई कि वही पूर्व किराएदार आयुष को बाइक पर बैठाकर ले गया था। इसी ठोस साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच की दिशा तय की और आरोपियों के ठिकानों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
रातभर चली घेराबंदी और दबिश के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच आमना-सामना हो गया। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस को भी कार्रवाई करनी पड़ी। इस मुठभेड़ में एक आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरे आरोपी को पुलिस ने मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में अपहरण की साजिश, फिरौती की मांग, हत्या की पूरी योजना और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ रही हैं। इसके साथ ही मुठभेड़ में मारे गए आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी गहराई से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह पहले किन-किन आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
उल्लेखनीय है कि इस जघन्य वारदात के बाद बरगढ़ कस्बे में भारी आक्रोश देखने को मिला था। व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने पूर्ण बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। लोगों ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन से त्वरित न्याय की अपील की थी।
मुठभेड़ के बाद क्षेत्र में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दिनदहाड़े हुए इस सनसनीखेज अपहरण और हत्या की घटना तथा उसके बाद रातभर चले पुलिस ऑपरेशन ने पूरे प्रयागराज–चित्रकूट क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाकर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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