MBBS में दाखिले के लिए काट लिया खुद का पैर, जांच में खुली पोल

जौनपुर. जनपद के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के खलीलपुर गांव में युवक का पैर कटने की रहस्यमयी घटना का पुलिस ने सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। प्रारंभ में जिसे अज्ञात हमलावरों की बर्बर करतूत बताया जा रहा था, वह दरअसल एमबीबीएस में दाखिले की सनक में रची गई एक आत्मघाती साजिश निकली। जांच में स्पष्ट हुआ है कि युवक ने स्वयं अपने पैर को काटकर दिव्यांग कोटे का लाभ लेने की योजना बनाई थी।
पुलिस के अनुसार, खलीलपुर निवासी 24 वर्षीय सूरज भास्कर, जो डी-फार्मा की पढ़ाई पूरी कर चुका है, 18 जनवरी की रात अपने अधूरे मकान में अकेला था। सुबह जब परिजन पहुंचे तो उसका बायां पैर कटा मिला। इस भयावह दृश्य से गांव में अफरातफरी मच गई। युवक को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शुरुआती बयान में सूरज ने दावा किया था कि रात के अंधेरे में दो अज्ञात लोग आए, मारपीट की और वह बेहोश हो गया। इसी आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। हालांकि, जैसे-जैसे विवेचना आगे बढ़ी, कहानी की परतें खुलती चली गईं।
क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता ने बताया कि घटनास्थल की बारीकी से जांच, कॉल डिटेल रिकॉर्ड के विश्लेषण और परिजनों से पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग हाथ लगे। मौके से एनेस्थीसिया की खाली शीशियां, सिरिंज और आरी मशीन बरामद हुई, जिससे घटना पर संदेह गहराया। पूछताछ में सामने आया कि सूरज लंबे समय से एमबीबीएस में प्रवेश न मिलने के कारण गहरे मानसिक दबाव में था।
डायरी और सीडीआर की जांच में खुलासा
जांच में यह भी सामने आया कि सूरज ने अपनी डायरी में वर्ष 2026 तक हर हाल में एमबीबीएस में दाखिला लेने की बात लिख रखी थी। सीडीआर से उसकी प्रेमिका से हुई बातचीत और बीएचयू जाने की गतिविधियों का भी खुलासा हुआ, जहां वह प्रवेश से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा था।
पुलिस का कहना है कि डी-फार्मा की पढ़ाई के चलते सूरज को दवाओं और प्राथमिक चिकित्सा की पर्याप्त जानकारी थी। इसी ज्ञान का उपयोग कर उसने स्वयं को गंभीर रूप से अपंग करने जैसा खौफनाक कदम उठाया। फिलहाल युवक की हालत स्थिर बताई जा रही है और पुलिस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।


