
गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, खालिस्तानी संगठन ने किया दावा
The live ink desk. पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में गणतंत्र दिवस से ठीक पहले रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार देर रात हुए इस धमाके में एक मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि लोको पायलट को हल्की चोटें आई हैं। घटना के बाद पूरे प्रदेश में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट उस समय हुआ जब मालगाड़ी खानपुर फाटक के पास नई बिछाई गई डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लाइन से गुजर रही थी। जैसे ही इंजन ट्रैक के एक हिस्से पर पहुंचा, अचानक तेज धमाका हुआ। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रेलवे लाइन का लगभग 12 फीट हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और स्लीपर टूटकर बिखर गए।
जांच जारी, आतंकी एंगल से इंकार नहीं
रोपड़ रेंज के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) नानक सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि फिलहाल मामले की हर संभावित एंगल से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फोरेंसिक जांच पूरी होने तक इसे सीधे आतंकी हमला कहना जल्दबाजी होगी।
डीआईजी के अनुसार, घटना के तुरंत बाद पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन के तहत जांच शुरू कर दी गई। इलाके में नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
उन्होंने बताया कि इस घटना में कोई जनहानि या बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ है। लोको पायलट को चेहरे पर हल्की चोट आई है, जिसका प्राथमिक उपचार कराया गया। रेलवे ट्रैक को मरम्मत के बाद शनिवार दोपहर पुनः चालू कर दिया गया।
खालिस्तानी संगठन ने ली जिम्मेदारी
इस बीच, खालिस्तानी आतंकी संगठन ‘खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स’ ने इस धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। संगठन से जुड़े बताए जा रहे रणजीत सिंह जम्मू के नाम से एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें धमाके को “ट्रेलर” बताया गया है। पत्र में यह भी दावा किया गया कि उनका उद्देश्य किसी की जान लेना नहीं था, बल्कि अपनी उपस्थिति दर्ज कराना था।
हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस पत्र की सत्यता की भी जांच कर रही हैं और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
रेलवे और सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ी चौकसी
घटना के बाद पंजाब के सभी रेलवे स्टेशनों, ट्रैक सेक्शन और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ खुफिया एजेंसियां भी सतर्क कर दी गई हैं, ताकि गणतंत्र दिवस के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।




