कड़ी सुरक्षा वाले माघ मेला में शंकराचार्य के शिविर के बाहर हंगामा, सुरक्षा चूक की आशंका

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). विश्वप्रसिद्ध माघ मेला क्षेत्र में जहां सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व बताया जा रहा है, वहीं शनिवार शाम एक घटना ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर कुछ लोगों द्वारा नारेबाजी और अव्यवस्था फैलाने की कोशिश किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में शिविर प्रशासन की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी गई है, जिसके आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को शाम करीब 6:30 से 7:30 बजे के बीच कुछ असामाजिक तत्व लाठी-डंडों और भगवा झंडों के साथ शंकराचार्य के शिविर के बाहर पहुंचे। आरोप है कि इनमें से कुछ युवक जबरन शिविर के भीतर प्रवेश करने का प्रयास करने लगे। मौके पर मौजूद शिष्यों और सेवादारों ने उन्हें रोक दिया, जिससे किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सका।


अविमुक्तेश्वरानंद ने की सुरक्षा की मांग
घटना को गंभीर बताते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्वयं को संभावित खतरा बताते हुए पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की है। शिविर की ओर से कहा गया है कि इस तरह की घटनाएं न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ी हैं, बल्कि माघ मेला जैसे संवेदनशील आयोजन की समग्र सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
सैकड़ों कैमरे से हो रही है निगरानी
गौरतलब है कि माघ मेला क्षेत्र को अभेद्य सुरक्षा कवच में रखा गया है। पुलिस, पीएसी, केंद्रीय बलों सहित विभिन्न विभागों की टीमें चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं। इसके अतिरिक्त पूरे मेला क्षेत्र में हजारों की संख्या में ‘त्रिनेत्र’ सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लगातार निगरानी की जा रही है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि इतनी सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद आधा दर्जन से अधिक लोग शिविर के बाहर पहुंचकर काफी देर तक नारेबाजी कैसे करते रहे।
शिविर में एक दिन पहले ही लगा कैमरा
दिलचस्प तथ्य यह भी है कि शनिवार को ही शंकराचार्य के शिविर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इसके बाद भी इस तरह की घटना सामने आना सुरक्षा में किसी स्तर पर चूक की ओर इशारा करता है। नारेबाजी की प्रकृति और घटनाक्रम को देखते हुए साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभागों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और शिविर के आसपास की गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी और यदि कोई साजिश या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
