Bhadohi Cycling Club: Gopiganj में स्वास्थ्य और पर्यावरण के नाम रही साइकिल रैली

भदोही (संजय सिंह). “स्वास्थ्य ही असली पूंजी है”—इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से रविवार को गोपीगंज की सड़कों पर जागरूकता का पहिया तेजी से घूमता नजर आया। करीब 200 साइकिल चालकों की सहभागिता के साथ निकली यह विशाल रैली स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सक्रिय जीवनशैली के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का सशक्त प्रदर्शन बनी।
इस अभियान का आयोजन Bhadohi Cycling Club ने किया, जिसका नेतृत्व क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष अताउल मुस्तफा अंसारी ने किया। उनकी पहल पर युवा, विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक एक मंच पर एकत्र हुए और स्वच्छ वातावरण तथा निरोग जीवन का संदेश दिया।

बड़े चौराहे से जिलॉट्स अकादमी तक
रैली की शुरुआत राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बड़ा चौराहा से हुई, जहां वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस.एस. यादव ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल यात्रियों को रवाना किया। यात्रा लाई बाजार, पड़ाव स्टेशन रोड और पश्चिम मोहल्ला होते हुए Jillots Academy पहुंची।
अकादमी परिसर में प्रबंधक रामकुमारी विश्वकर्मा, प्रधानाचार्य श्रीकांत (आकाश) विश्वकर्मा, शिक्षकगण और छात्र-छात्राओं ने प्रतिभागियों का पुष्पवर्षा और तालियों के साथ स्वागत किया। पूरे वातावरण में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार दिखाई दिया।
योग और साइकिलिंग—स्वस्थ जीवन की दो धुरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामकुमारी विश्वकर्मा ने कहा कि विशेष रूप से महिलाओं के लिए योग और नियमित व्यायाम शारीरिक सुदृढ़ता, हार्मोन संतुलन और मानसिक शांति के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से हृदय स्वास्थ्य, पाचन तंत्र, हड्डियों की मजबूती और नींद की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है।
प्रधानाचार्य श्रीकांत (आकाश) विश्वकर्मा ने आधुनिक जीवनशैली की व्यस्तता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोग लक्ष्य की दौड़ में अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा कर देते हैं। उन्होंने दैनिक जीवन में साइकिल के उपयोग और प्रातःकालीन योग को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे न केवल शरीर स्वस्थ रहेगा, बल्कि पर्यावरण भी प्रदूषण से मुक्त होगा।
जागरुकता नारों से गूंजा शहर
स्वागत समारोह के बाद रैली पुनः आगे बढ़ी और पश्चिम मोहल्ला, छोटी चौराहा, अंजही मोहल्ला, केड़वरिया, भगवतपुर, आनापुर और गेराई क्षेत्र का भ्रमण किया। प्रतिभागियों ने “वृक्ष लगाओ, पर्यावरण बचाओ”, “करो योग, रहो निरोग” और “सुबह की हवा, सौ रोगों की दवा” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया।
यात्रा का समापन पुनः जिलॉट्स अकादमी में हुआ, जहां पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को जनांदोलन का रूप देने का संकल्प दोहराया गया।
युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी
इस साइकिल यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं, छात्र-छात्राओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन समिति ने इसे गोपीगंज में जन-जागरूकता का एक सशक्त उदाहरण बताते हुए भविष्य में भी ऐसे अभियानों को निरंतर जारी रखने की बात कही।
यह रैली केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति सजग बनाने की दिशा में उठाया गया ठोस कदम साबित हुई।
