ताज़ा खबरभारत

पश्चिम एशिया संकटः निर्धारित समय सीमा में ही मिल रहा घरेलू सिलेंडर

गैस मंत्री ने कहा- LPG Supply पर सरकार का भरोसा, घरेलू वितरण व्यवस्था सामान्य

नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके संभावित असर को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने लोकसभा में कहा कि भारत में कच्चे तेल और एलपीजी की उपलब्धता मजबूत है और घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है।

उन्होंने सदन को बताया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक का जो स्थापित समय लगभग ढाई दिन का है, उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार का प्रमुख लक्ष्य देश के लगभग 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीब और वंचित वर्गों को बिना किसी बाधा के रसोई गैस उपलब्ध कराना है।

मंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई है, हालांकि इस संकट में भारत की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। इसके बावजूद स्थिति से निपटने के लिए सरकार सक्रिय रूप से कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz को इतिहास में पहली बार वाणिज्यिक जहाजों के लिए बंद किए जाने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा परिवहन पर दबाव पड़ा है, लेकिन भारत ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार कर ली हैं।

पुरी के अनुसार देश में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कोई कमी नहीं है। सभी रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता से संचालित हो रही हैं और कई इकाइयां तो 100 प्रतिशत से भी अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।

उन्होंने बताया कि पहले भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत आयात खाड़ी क्षेत्र के देशों—कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कुवैत—से करता था, जबकि शेष 40 प्रतिशत घरेलू उत्पादन से पूरा होता था। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाई गई है और अब United States, Norway, Canada, Algeria और Russia से भी एलपीजी की खेप मंगाई जा रही है।

मंत्री ने यह भी बताया कि रिफाइनरियों को दिए गए निर्देशों के बाद घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और जरूरत के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीद की प्रक्रिया भी जारी है। प्राकृतिक गैस की उपलब्धता को प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में आवंटित किया गया है, जिससे आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि वैकल्पिक मार्गों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में एलएनजी की खेप देश में पहुंच रही है। यदि पश्चिम एशिया में संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है, तब भी भारत के पास पर्याप्त गैस उत्पादन और आयात व्यवस्था मौजूद है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखी जा सकेगी। साथ ही कालाबाजारी रोकने और होटल-रेस्तरां जैसे आतिथ्य क्षेत्र को अनावश्यक नुकसान से बचाने के लिए वाणिज्यिक एलपीजी के वितरण को भी विनियमित किया गया है।

इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने कहा कि एलपीजी की उपलब्धता को लेकर बाजार में आशंका का माहौल बन रहा है। उनके अनुसार कई रेस्तरां संचालकों और छोटे कारोबारियों—जैसे रेहड़ी-पटरी वाले—को गैस की उपलब्धता को लेकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी देश की आर्थिक और सामरिक मजबूती के लिए ऊर्जा सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इस संदर्भ में उन्होंने यह सवाल उठाया कि भारत जैसे बड़े देश की ऊर्जा खरीद के निर्णयों पर बाहरी देशों का प्रभाव किस प्रकार पड़ सकता है, विशेषकर जब रूस से तेल आयात का मुद्दा सामने आता है।

सरकार का कहना है कि बदलते वैश्विक हालात के बावजूद देश की ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर रखने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जा रही है, ताकि आम उपभोक्ताओं और उद्योगों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button