पश्चिम एशिया संकट का असर: LPG Supplyपर दबाव, सरकार ने बदली आवंटन नीति

The live ink desk. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है और इसका प्रभाव भारत की गैस आपूर्ति पर भी पड़ा है। आयातित गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण देश में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता पर दबाव बढ़ गया है, जिससे होटल और रेस्तरां उद्योग को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि गैस वितरकों का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है।
स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्राकृतिक गैस के आवंटन की प्राथमिकता में बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत घरेलू रसोई गैस के उत्पादन, संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) को अन्य क्षेत्रों की तुलना में प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र की जरूरतें प्रभावित न हों।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संबंध में एक गजट अधिसूचना जारी कर गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को दी जाने वाली गैस को प्राथमिक क्षेत्रों की ओर मोड़ने का निर्देश दिया है। दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे भारत को मिलने वाली गैस की आपूर्ति में कमी आई है। देश की कुल गैस खपत करीब 19.1 करोड़ मानक घन मीटर प्रतिदिन है, जिसमें लगभग आधी जरूरत आयात के माध्यम से पूरी होती है। मौजूदा हालात में पश्चिम एशिया से आने वाली करीब छह करोड़ मानक घन मीटर प्रतिदिन गैस की आपूर्ति बाधित हुई है।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार अब देश में उत्पादित प्राकृतिक गैस को प्राथमिकता के आधार पर उन इकाइयों को उपलब्ध कराया जाएगा जो एलपीजी उत्पादन में इसका उपयोग करती हैं। इससे पहले घरेलू गैस का आवंटन मुख्य रूप से सीएनजी और पाइपलाइन के जरिए घरों तक पहुंचने वाली पीएनजी के लिए किया जाता था।
इस बदलाव का असर वाणिज्यिक एलपीजी बाजार पर दिखाई देने लगा है। होटल और रेस्तरां क्षेत्र से जुड़े संगठनों का कहना है कि कई शहरों में कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति घटने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। होटल और रेस्तरां उद्योग से जुड़े संगठनों के मुताबिक यदि आपूर्ति की स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो कई प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से संचालन रोकने की नौबत आ सकती है।
उद्योग संगठनों के अनुसार मुंबई के साथ-साथ पुणे, औरंगाबाद, नागपुर, दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी की शिकायतें मिल रही हैं। कुछ वितरकों का कहना है कि सामान्य दिनों में जहां रोज सैकड़ों सिलेंडरों की बिक्री होती थी, वहीं पिछले कुछ दिनों से आपूर्ति नहीं मिलने के कारण बिक्री लगभग ठप हो गई है।


