यूजीसी एक्ट 2026: सुको का सम्मान पर बहाली तक जारी रहेगा आंदोलन

जिलाधिकारी कार्यालय पर जुटे लोगों ने किया प्रदर्शन
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). यूजीसी एक्ट 2026 ( UGC Act 2006) को लेकर जारी बहस के बीच बुधवार को प्रयागराज में सैकड़ों लोगों ने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी कार्यालय पर एकत्र लोगों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए स्थगनादेश का सम्मान करने की बात कही, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यूजीसी एक्ट की बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा।
सभा को संबोधित करते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विक्रम ने कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 का विरोध करने वाले तत्व सामाजिक न्याय के विरोधी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त जातिगत भेदभाव को बनाए रखने की मानसिकता से प्रेरित होकर कुछ लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं। प्रो. विक्रम ने कहा, “छात्र जीवन और अध्यापन के दौरान हमने जातिवाद की पीड़ा को करीब से देखा है। जब अधिकार, सम्मान और बराबरी की बात आती है, तब हमें जातियों में बांट दिया जाता है। यूजीसी एक्ट 2026 इसी अन्याय के खिलाफ एक मजबूत कदम है।”

प्रसिद्ध श्रमिक नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. कमल उसरी ने कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 ( UGC Act 2006)किसी एक दिन में नहीं बना, बल्कि यह रोहित वेमुला, पायल तांडवी, दर्शन सोलंकी सहित हजारों छात्रों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की कमजोर पैरवी के चलते सुप्रीम कोर्ट को स्थगनादेश देना पड़ा। डॉ. उसरी ने कहा, “हम न्यायपालिका के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से इस कानून की बहाली के लिए आंदोलन जारी रहेगा।”
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा में समान अवसर, सामाजिक न्याय और संस्थागत भेदभाव के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
इस अवसर पर अधिवक्ता धीरेंद्र यादव, राम धीरज मौर्य, अजीत चौधरी, डॉ. आर.के. वर्मा, प्रेमचंद यादव, मंजू वर्मा, एस.आर. मौर्य, विवेक राणा, आलोक अंबेडकर, अनुपम, प्रसांत, अन्नू सिंह, वीरेंद्र यादव, संदीप पाल, जय शंकर यादव, उत्तम कुमार गौतम, डॉ. एम. लाल चेतन सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र और नागरिक उपस्थित रहे।



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