
अली खामेनेई के बेटे हैं नए सुप्रीम लीडर, अमेरिकी-इजराइल हमले में हुआ था अली खामेनेई निधन
The live ink desk. ईरान की सर्वोच्च धार्मिक संस्था Assembly of Experts ने अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ( Mojtaba Khamenei) को देश का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया है। वह दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) के पुत्र हैं, जिनकी 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिका-इजराइल के सैन्य हमले में मृत्यु हो गई थी।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी Tasnim News Agency के अनुसार, 88 सदस्यीय एक्सपर्ट्स असेंबली ने आपात बैठक में मोजतबा खामेनेई को इस्लामी गणराज्य का तीसरा सर्वोच्च नेता चुनने का निर्णय लिया। ईरान में यही संस्था सर्वोच्च नेता के चयन का संवैधानिक अधिकार रखती है।
असेंबली द्वारा जारी बयान में कहा गया कि देश युद्ध जैसी परिस्थितियों और बाहरी खतरों का सामना कर रहा है, ऐसे में नेतृत्व का खाली रहना उचित नहीं था। इसलिए अयातुल्ला Ali Khamenei की मृत्यु के तुरंत बाद नए नेता के चयन की प्रक्रिया शुरू की गई और बहुमत से मोजतबा खामेनेई को उत्तराधिकारी चुना गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, लगभग चार दशक तक ईरान का नेतृत्व करने वाले अली खामेनेई 1989 में Ruhollah Khomeini की मृत्यु के बाद सर्वोच्च नेता बने थे। उनके निधन के बाद सत्ता का यह हस्तांतरण इस्लामी गणराज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
ईरान के सरकारी प्रसारण माध्यमों ने सोमवार सुबह मोजतबा खामेनेई के चयन की औपचारिक घोषणा की। नए सर्वोच्च नेता के रूप में वे देश की सशस्त्र सेनाओं तथा Islamic Revolutionary Guard Corps के सर्वोच्च कमांडर भी होंगे।
मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है, हालांकि उन्होंने कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा और न ही अब तक किसी औपचारिक सरकारी पद पर रहे।
इस बीच Donald Trump ने संकेत दिया है कि अमेरिका मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व को स्वीकार नहीं करता। वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड और ईरान समर्थित लेबनानी संगठन Hezbollah ने उनके समर्थन की घोषणा की है।
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने मोजतबा खामेनेई को बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय देश की एकता को मजबूत करेगा और मौजूदा संकट की स्थिति में ईरान को दृढ़ नेतृत्व प्रदान करेगा।

