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United Nation: Bharat और America के प्रस्ताव पर चीन ने लगाया वीटो

नई दिल्ली (the live ink desk). संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में पाकिस्तान (Pakistan) स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (terrorist organization Lashkar-e-Taiba) के आतंकवादी शाहिद महमूद (Shahid Mehmood) को वैश्विक आतंकवादी (global terrorist) घोषित करने संबंधी भारत और अमेरिका के प्रस्ताव पर चीन ने वीटो कर रोक लगा दी है। चीन के द्वारा यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब इसी महीने मानवाधिकार के मुद्दे पर भारत ने परोक्ष रूप से चीन का समर्थन किया था।

मालूम हो कि शिनजियांग में मानवाधिकार के हनन के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र (United Nation) में हुई बहस के प्रस्ताव पर भारत (Bharat) ने वोटिंग नहीं करने का फैसला किया था। यानी भारत इस वोटिंग से नदारद था। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब चीन ने संयुक्त राष्ट्र में किसी पाकिस्तानी आतंकवादी को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के प्रस्ताव को रोका हो।

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इसी साल अगस्त महीने में ही अमेरिका और भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) में पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के ही आतंकवादी अब्दुल रऊफ अजहर पर वैश्विक प्रतिबंध लगाए जाने और संपत्ति जप्त करने संबंधी प्रस्ताव पेश किया था। उस समय भी चीन ने इस प्रस्ताव को रोक दिया था।

मालूम हो कि लश्कर-ए-तैयबा का दुर्दांत आतंकवादी अब्दुल रऊफ अजहर, मसूद अजहर का भाई है। मसूद अजहर मुंबई बम हमलों का मुख्य मास्टरमाइंड है। उल्लेखनीय है कि बीते महीने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) ने संयुक्त राष्ट्र महासभा यूएनजीए के 77वें सत्र को संबोधित करते हुए चीन पर निशाना साधा था।

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भारतीय विदेश मंत्री ने कहा था कि जो भी देश घोषित आतंकवादियों की रक्षा के लिए यूएनएससी 1267 प्रतिबंध व्यवस्था का राजनीतिक इस्तेमाल करते हैं, एक दिन उनके ऊपर भी उसकी आंच आएगी। कुल मिलाकर एक बार फिर से चीन ने अपना दोहरा रवैया अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने दिखाया है। भारत को भी अब चीन के बारे में और गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

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