दूसरों की तरह मैं प्रचार के लिए मंदिर नहीं जाताः ब्रजभूषण शरण सिंह

झांसी में हनुमान दर्शन के दौरान बोले ब्रजभूषण शरण सिंह, राजनीति और आस्था पर रखी खुलकर बात
लखनऊ (विजय मिश्र). भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह गुरुवार को झांसी स्थित सखी के प्राचीन हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत दर्शन-पूजन किया। मंदिर परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने चुनाव, राजनीति, धर्म और खेल संगठन से जुड़े कई सवालों पर अपनी स्पष्ट राय रखी।
चुनाव लड़ने और टिकट को लेकर पूछे गए सवालों पर ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि राजनीति में संभावनाओं और अटकलों का कोई स्थान नहीं होता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि न तो उनके और न ही उनके बेटे के टिकट को लेकर कोई ‘अगर-मगर’ है। समय आने पर परिस्थितियां स्वयं तय हो जाती हैं।
धार्मिक आयोजनों और मंदिर दर्शन को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वह दिखावे की राजनीति में विश्वास नहीं रखते। उनका कहना था कि वह आस्था को निजी विषय मानते हैं और प्रचार के लिए मंदिर जाना उनकी प्रवृत्ति नहीं है। दूसरों को इससे लाभ होता हो तो होता रहे, उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और वंशवाद से जुड़े सवालों पर उन्होंने राजनीतिक टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि ऐसे प्रश्नों से वह दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं। उत्तर प्रदेश में बाहुबलियों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी उन्होंने सीधे उत्तर देने से बचते हुए सवाल को ही अनुचित बताया।
भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) से जुड़े विवादों पर बोलते हुए ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि आज संगठन की जिम्मेदारी उनके सहयोगियों के हाथ में है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी स्वार्थ और राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते खेल को राजनीति का अखाड़ा बनाने में जुटे थे, लेकिन सच्चाई सामने आने के बाद उनका भंडाफोड़ हो गया। उन्होंने दावा किया कि उस समय देश की जनता उनके साथ खड़ी थी।
इस अवसर पर समाजसेवी दिलीप मुदगिल ने ब्रजभूषण शरण सिंह का माल्यार्पण कर स्वागत किया। साथ ही विभाग प्रचारक मनोज और जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष जयदेव पुरोहित भी उनसे मुलाकात करने पहुंचे।

