चीन की जीरो कोविड नीति के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, दूतावास के सामने प्रदर्शन
नई दिल्ली (the live ink desk). बीते कुछ दिनों से चीन में कोविड-19 (कोरोना) के मामलों में अत्यधिक बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण चीन में सरकार के द्वारा बहुत सख्त रवैया अपनाया जा रहा है। इसे लेकर चीन में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन की आंच विदेशों तक पहुंच गई है। रविवार को ब्रिटेन की राजधानी लंदन में चीनी दूतावास के सामने इस सख्त पाबंदी के विरोध में प्रदर्शन किया गया, इनमें से कुछ लोगों ने फूल और मोमबत्तियां के द्वारा उन लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन लोगों ने चीन के ही उरमची में एक इमारत में आग लगने के कारण अपनी जान गंवा दी थी।
बताते चलें कि चीन में कोरोना के सख्त प्रतिबंधों को इन मौतों का कारण बता रहे हैं। फिलहाल चीनी प्रशासन, इस आरोप को गलत बता रहा है। चीन में सरकार की जीरो कोविड नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बड़े पैमाने पर शुरू हो गया है। चीनी लोगों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) को लागू करने के लिए लगाई गई पाबंदियों को तोड़ना शुरू कर दिया है। कोई भी इस नियम को मान नहीं रहा है और अब तो लोग बड़े पैमाने पर शहरों, यूनिवर्सिटी कैंपस में और सड़कों पर उतर आए हैं।
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बीते कुछ दिनों से चीन में सख्त पाबंदी के बावजूद कोरोना के रिकॉर्ड मामले सामने आए हैं। बीते बुधवार को चीन में 31527 केस ( महामारी के दौरान अप्रैल 2022 में सिर्फ 28000 मामले) दर्ज किए गए हैं। इसके साथ ही लगातार रिकार्ड संख्या में लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने लगभग 40 हजार नये लोगों में संक्रमण की पुष्टि की है। फिलहाल जानकारों का कहना है कि चीन की जीरो कोविड नीतियों के कारण मरने वालों की संख्या में कुछ कमी आई है, लेकिन इसकी वजह से चीनी अर्थव्यवस्था और आम लोगों का जीवन संकट से गिर गया है। आम लोगों को तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मीडिया की खबरों और सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो के मुताबिक कल भी हजारों लोगों ने शंघाई की सड़कों प्रदर्शन किया, जो कोविड नियंत्रण के उपायों में ढील देने की मांग कर रहे थे। शी जिनपिंग की नीतियों से प्रशासन से लेकर आम आदमी भी खुश नहीं है, पहले भी जिनपिंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो चुका है।

