
डिजिटल भुगतान, रक्षा, व्यापार, ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगी मजबूती
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मलेशिया की आधिकारिक यात्रा ने भारत–मलेशिया संबंधों को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक सहयोग को व्यापक बनाने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए। रक्षा, व्यापार, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में हुए समझौते भारत–मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने वाले माने जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच ऑडियो-विजुअल सह-निर्माण, आपदा प्रबंधन, भ्रष्टाचार निरोध, संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य सेवाएं, राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा तथा कौशल विकास जैसे अहम क्षेत्रों में समझौता ज्ञापन और सहमति पत्रों का आदान-प्रदान हुआ। इसके साथ ही 10वें भारत–मलेशिया सीईओ फोरम की रिपोर्ट भी साझा की गई, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को गति देने के लिए कई सुझाव रखे गए।
डिजिटल भुगतान और स्वास्थ्य पर विशेष जोर
डिजिटल और वित्तीय सहयोग को विस्तार देने के उद्देश्य से भारत की एनपीसीआई इंटरनेशनल लिमिटेड और मलेशिया की पेनेट एसडीएन बीएचडी के बीच सीमा-पार डिजिटल भुगतान को लेकर समझौता किया गया। इससे दोनों देशों के नागरिकों, पर्यटकों, छात्रों और व्यापारियों को तेज, सुरक्षित और कम लागत वाली भुगतान सुविधा मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। विशेष रूप से आयुर्वेद से जुड़े शैक्षणिक, प्रशिक्षण और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने पर दोनों देशों ने साझा प्रतिबद्धता जताई।
यात्रा के दौरान की गई प्रमुख घोषणाएं
- मलेशिया में भारतीय महा वाणिज्यिक दूतावास की स्थापना का निर्णय, जिससे वहां रहने वाले भारतीय समुदाय को कांसुलर सेवाएं और व्यापारिक सहयोग अधिक सुलभ होगा।
- कुआलालंपुर स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ मलाया में एक समर्पित तिरुवल्लुवर केंद्र की स्थापना और मलेशियाई नागरिकों के लिए तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति शुरू करने की घोषणा।
- एनपीसीआई इंटरनेशनल लिमिटेड और पेनेट एसडीएन बीएचडी के बीच सीमा-पार डिजिटल भुगतान समझौता।
- यूनिवर्सिटी ऑफ साइबरजया और आयुर्वेद प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के बीच शैक्षणिक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन।




