चकबंदी वाले गांवों में 28 फरवरी तक लगाई जाएगी चौपाल

लखनऊ (विजय मिश्र). चकबंदी प्रक्रिया को रफ्तार देने और किसानों की शिकायतों का मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने विशेष पहल की है। डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 23 से 28 फरवरी के बीच चकबंदी प्रक्रियाधीन गांवों में अनिवार्य रूप से चौपाल आयोजित की जाए।
निर्देशों के अनुसार चकबंदी अधिकारी, बन्दोबस्त अधिकारी चकबंदी और उप संचालक चकबंदी अपने-अपने क्षेत्रों में कम से कम दो-दो चौपाल लगाएंगे। इन चौपालों में किसानों से सीधा संवाद कर उनकी आपत्तियां, सुझाव और लंबित विवादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि ग्राम स्तर पर खुली बैठकें आयोजित करने से न केवल सीमा विवाद और चकों के बंटवारे से जुड़ी समस्याएं सहमति के आधार पर सुलझेंगी, बल्कि आपसी तनाव भी घटेगा। इससे चकबंदी प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि चौपालों के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में खतौनी व गाटा संख्या से जुड़े मुकदमों में कमी आएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि चौपाल के बाद की गई कार्यवाही की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
सरकार की इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

