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UPमें ट्रीटेड वाटर के पुन: उपयोग को मंजूरीः सिंचाई औरनिर्माण में होगा प्रयोग

लखनऊ (विजय मिश्र). उत्तर प्रदेश सरकार ने जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘सेफ री-यूज ट्रीटेड वाटर पॉलिसी’ को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस नीति को लागू करने का निर्णय लिया गया।

नई नीति के तहत घरों और उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को शोधन (ट्रीटमेंट) के बाद दोबारा उपयोग में लाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य पेयजल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को कम करना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।

सरकार की योजना के अनुसार, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) के माध्यम से तैयार किए गए शोधित जल का चरणबद्ध उपयोग किया जाएगा। पहले चरण में इसका उपयोग नगर निकायों के कार्यों, निर्माण गतिविधियों, बागवानी और सिंचाई में किया जाएगा। दूसरे चरण में औद्योगिक इकाइयों, कृषि क्षेत्र और रेलवे जैसी सेवाओं में इसका विस्तार होगा।

तीसरे चरण में ड्यूल पाइप सिस्टम के जरिए घरों तक गैर-पीने योग्य पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे पेयजल का इस्तेमाल केवल आवश्यक जरूरतों तक सीमित रखा जा सके।

सरकार का मानना है कि इस नीति से न केवल स्वच्छ पेयजल की बचत होगी, बल्कि जलाशयों और नदियों में प्रदूषण भी घटेगा। साथ ही, उन्नत तकनीक और नवाचार के उपयोग से जल संसाधनों का अधिक कुशल प्रबंधन संभव हो सकेगा।


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