नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश में रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति को लेकर सरकार ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। हालांकि, सिलेंडर की डिलीवरी अब सामान्य हो गई है और घबराहट में की जा रही बुकिंग में कमी आई है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव (मार्केटिंग) सुजाता शर्मा ने सोमवार को बताया कि एलपीजी की उपलब्धता को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन वितरण प्रणाली सुचारु रूप से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन सप्ताह में करीब 3.5 लाख घरेलू और वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन जारी या सक्रिय किए गए हैं, जबकि लगभग 1.9 लाख उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी में स्थानांतरित हुए हैं।
अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में अधिकारियों ने बताया कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से संचालित हो रही हैं। घरेलू जरूरतों के लिए गैस आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि सीएनजी परिवहन के लिए भी आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।
सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी के आवंटन में बदलाव करते हुए इसका 50 प्रतिशत हिस्सा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सौंपा है। राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि वे इस गैस का उपयोग होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग इकाइयों और सामुदायिक रसोई जैसे आवश्यक क्षेत्रों में प्राथमिकता से सुनिश्चित करें। अब तक करीब 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा लगभग 15,800 टन वाणिज्यिक एलपीजी का उठाव किया जा चुका है।
कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए केंद्र और राज्यों के स्तर पर निगरानी तेज की गई है। 32 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं और जिला स्तर पर निगरानी समितियां सक्रिय हैं। हाल के दिनों में लगभग 37 हजार छापेमारी की गई, 550 से अधिक एफआईआर दर्ज हुईं और 150 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इस बीच, सरकार ने 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर को 10 किलोग्राम में बदलने की अटकलों को खारिज किया है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
बंदरगाह संचालन को लेकर अधिकारियों ने बताया कि देश के बंदरगाहों पर माल ढुलाई सामान्य है और किसी तरह की भीड़भाड़ की सूचना नहीं है। राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि 22 भारतीय जहाजों पर सवार करीब 600 नाविक सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।




