PM Kisan Scheme: सीधे खाते में पहुंचे 22 किश्तों के 4.27 लाख करोड़ रुपये

नई दिल्ली. केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि सहायता योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Scheme) देश के करोड़ों किसानों के लिए आर्थिक संबल के रूप में लगातार प्रभावी साबित हो रही है। योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य खेती योग्य भूमि रखने वाले किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है। अब तक सरकार 22 किश्तों के जरिए 4.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर चुकी है।
इस योजना (PM Kisan Scheme)के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की सहायता तीन बराबर किश्तों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से दी जाती है। 19 नवंबर 2025 को जारी 21वीं किश्त में ही 9.35 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला, जो योजना के व्यापक दायरे और प्रभाव को दर्शाता है।
विभिन्न स्वतंत्र और सरकारी अध्ययनों में भी योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। International Food Policy Research Institute (आईएफपीआरआई) के 2019 के अध्ययन के अनुसार, इस योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है, किसानों की ऋण निर्भरता घटी है और कृषि निवेश में वृद्धि हुई है। इससे किसानों की जोखिम उठाने की क्षमता भी बढ़ी है, जिससे वे अधिक उत्पादक निवेश कर पा रहे हैं।
इसी तरह नीति आयोग के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (डीएमईओ) के अध्ययन में पाया गया कि 92 प्रतिशत से अधिक किसान इस राशि का उपयोग बीज, उर्वरक और कीटनाशकों जैसे जरूरी कृषि निवेशों में कर रहे हैं। करीब 85 प्रतिशत लाभार्थियों ने अपनी आय में वृद्धि की पुष्टि की, जबकि फसल नुकसान या आपात स्थिति में साहूकारों पर निर्भरता में कमी दर्ज की गई है। वहीं, किसान कॉल सेंटर फीडबैक के अनुसार 93 प्रतिशत से अधिक किसान इस सहायता को सीधे कृषि कार्यों में उपयोग कर रहे हैं।
योजना (PM Kisan Scheme) को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म को भी मजबूत किया है। पीएम-किसान पोर्टल पर ‘किसान कॉर्नर’ के माध्यम से लाभार्थी अपनी स्थिति, भुगतान विवरण और पात्रता की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर भी यह सुविधा उपलब्ध है।
तकनीकी नवाचार के तहत सरकार ने ‘किसान ई-मित्र’ नामक एआई आधारित चैटबॉट भी शुरू किया है, जो 24×7 किसानों के सवालों का जवाब देता है। यह चैटबॉट 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है और अब तक 53 लाख से अधिक किसानों के करीब 95 लाख प्रश्नों का समाधान कर चुका है। इससे योजना की पहुंच और उपयोगिता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
योजना के तहत पंजीकरण के लिए आधार अनिवार्य है और सभी भुगतान आधार-आधारित प्रणाली के जरिए सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किए जाते हैं। सरकार राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, सीएससी और India Post Payments Bank के सहयोग से आधार सीडिंग और लाभार्थी सत्यापन को और सुदृढ़ बनाने के लिए अभियान भी चला रही है।
यह जानकारी लोकसभा में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर द्वारा लिखित उत्तर में दी गई, जिसमें योजना के व्यापक प्रभाव और निरंतर विस्तार का उल्लेख किया गया।



