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फर्जीवाड़ा उजागरः काल सेंटर से बेच रहे थे फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट

भरोसा बढ़ाने के लिए जालसाजों ने बनाई थी फर्जी वेबसाइट, दो शातिर गिरफ्तार

प्रयागराज (आलोक गुप्ता). उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए प्रयागराज साइबर थाना पुलिस ने फर्जी वेबसाइट बनाकर मार्कशीट और डिग्री तैयार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाकर ठगी कर रहे थे। आरोपितों के पास से भारी मात्रा में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज, मोहरें और डिजिटल उपकरण बरामद हुए हैं।

पुलिस उपायुक्त गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान आजमगढ़ के बरदहा गांव निवासी शशि प्रकाश राय उर्फ राजन शर्मा और ठेकहा गांव निवासी मनीष कुमार राय के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि आरोपितों ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती फर्जी साइट बनाकर लोगों को भ्रमित किया और भुगतान के नाम पर ठगी की। इसके जरिए वे बैकडेटेड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और विश्वविद्यालय स्तर की फर्जी मार्कशीट व डिग्री तैयार कर कुरियर से भेजते थे।

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों “श्री एजुकेशन” नाम से कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मार्क्स बढ़ाने व फर्जी दस्तावेज बनवाने के विज्ञापन देकर ग्राहकों को फंसाते थे। प्रति दस्तावेज 4 से 5 हजार रुपये वसूले जाते थे। मुख्य आरोपी वर्ष 2014 से इस अवैध धंधे में सक्रिय था और अब तक करीब 7000 फर्जी अंकपत्र तैयार कर चुका है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 10 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, 42 विश्वविद्यालयों की फर्जी मोहरें, 217 फर्जी अंकपत्र, 1000 होलोग्राम, 6 मॉनिटर, 5 सीपीयू, 2 पेन ड्राइव सहित प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। साथ ही हिसाब-किताब से जुड़ी कॉपियां और रजिस्ट्री लिफाफे भी मिले हैं, जिनसे गिरोह के नेटवर्क का दायरा और बड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी वेबसाइट पर भुगतान करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच अवश्य करें। साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि जागरूकता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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