इवेंटताज़ा खबरभारत

सरकार ने घटाई एक्साइज ड्यूटी, फिलहाल नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम

नई दिल्ली. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी है। इस कदम का मकसद आम उपभोक्ताओं को तत्काल राहत देना और तेल कंपनियों पर बढ़ते घाटे के दबाव को कम करना है। फिलहाल इस कटौती के चलते ईंधन के दामों में बढ़ोतरी टल गई है।

सरकार के इस निर्णय के बाद पेट्रोल पर प्रभावी उत्पाद शुल्क घटकर 11.90 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 7.80 रुपये प्रति लीटर रह गया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी है। हालांकि, इससे सरकारी खजाने पर सालाना लगभग 1.75 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जिसे सरकार स्वयं वहन करेगी।

दरअसल, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर के पार पहुंच चुकी हैं। इस उछाल के कारण सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 24 रुपये और डीजल पर लगभग 30 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान उठाना पड़ रहा था। सरकार का मानना है कि उत्पाद शुल्क में कमी से कंपनियों को राहत मिलेगी और कीमतों का बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा।

इसी के साथ सरकार ने डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर भी शुल्क लगाकर घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया है। डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का शुल्क लागू किया गया है।

पेट्रोलियम मंत्री ने साफ किया कि देश में ‘लॉकडाउन’ को लेकर फैल रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं और सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और संयम बनाए रखने की अपील की।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमतों में मौजूदा तेजी बनी रहती है या पश्चिम एशिया का संकट लंबा खिंचता है, तो भविष्य में तेल कंपनियां कीमतों में संशोधन कर सकती हैं। फिलहाल सरकार के हस्तक्षेप से ईंधन दरों में स्थिरता बनी रहने की संभावना है।

गौरतलब है कि निजी क्षेत्र की कुछ कंपनियों ने पहले ही कीमतों में बढ़ोतरी की है, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने अभी तक दाम स्थिर रखे हैं। ऊर्जा बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों पर ही आगे की दिशा निर्भर करेगी।


Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button