मजदूर हितों को कमजोर करेंगी श्रम संहिताएः मनोज पांडेय

प्रयागराज में रेलवे कर्मियों का ‘काला दिवस’, श्रम संहिता के विरोध में प्रदर्शन
प्रयागराज (आलोक गुप्ता). केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बुधवार को प्रयागराज में रेलवे कर्मचारियों ने श्रम संहिताओं के विरोध में ‘काला दिवस’ मनाया। नार्थ सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रयागराज जंक्शन (हावड़ा इंड) परिसर में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए IREF और NCRWU के केंद्रीय महामंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि चारों श्रम संहिताएं मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने वाली हैं। उन्होंने औद्योगिक संबंध संहिता 2020, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और वेतन संहिता 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि ये कानून वर्षों के संघर्ष और बलिदान से हासिल श्रमिक अधिकारों को प्रभावित करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन बदलावों से श्रमिकों के हितों की अनदेखी हुई है और कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा मिला है।
इस मौके पर IREF और NCRWU के केंद्रीय संगठन मंत्री डॉ कमल उसरी ने कहा कि नई श्रम संहिताओं के लागू होने से पूर्व के कई श्रम कानूनों का स्वरूप बदल गया है। उन्होंने दावा किया कि कार्य समय, निरीक्षण प्रणाली और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों में बदलाव हुआ है, जिससे कर्मचारियों की स्थिति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इन मुद्दों को लेकर श्रमिक संगठन आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे।
प्रदर्शन का संचालन NCRWU के केंद्रीय सहायक महामंत्री शिवेंद्र प्रताप सिंह ने किया, जबकि अध्यक्षता केंद्रीय संयुक्त महामंत्री संजय तिवारी ने की। इस विरोध प्रदर्शन में सुधा देवी, संदीप सिंह, गोपाल शर्मा, नितिन कुमार, राजू यादव, दीपक कुमार, पी एन सिंह और पीयूष सोनी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी और श्रम संहिताओं में संशोधन की मांग की। प्रदर्शन के दौरान रेलवे संचालन सामान्य रूप से जारी रहा।

