ग्रामसभा के प्रथम नागरिकों के लिए नहीं खुले ब्लाक के दरवाजे, ब्लाक मुख्यालय पर नारेबाजी
प्रयागराज (धीरेंद्र केसरवानी). गांव के विकास का सपना ग्राम प्रधान के बूते ही देखा जाता है। यह अपनी ग्रामसभा के प्रथम नागरिक होते हैं, जिन्हे जनता अपने जनप्रतिनिधि के रूप में चुनाव करती है, लेकिन बुधवार को इन्ही ग्रामप्रधानों के लिए ब्लाक मुख्यालय के दरवाजे बंद कर दिए गए। विकास खंड सोरांव मुख्यालय पर प्रधानों के पहुंचने पर ब्लाक सभागार का दरवाजा नहीं खोला गया, मजबूरन प्रधानों को बाहर जमीन पर बैठकर मीटिंग करनी पड़ी।
बताते चलें कि विकास खंड सोरांव के प्रधान संघ की एक बैठक का आयोजन बुधवार, 19 जुलाई को होना था। इसके लिए पूर्व में सूचना दे दी गई थी। बुधवार को बैठक के लिए जैसे ही प्रधान संघ के पदाधिकारी और प्रधान जुटना शुरू हुए, वैसे ही ब्लाक सभागार का दरवाजा बंद कर दिया गया। प्रधानों ने इसका कारण जानना चाहा तो ब्लाक प्रशासन की तरफ से कोई भी सामने नहीं आया।
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ब्लाक प्रशासन की इस हरकत से प्रधान संघ ने बीडीओ कार्यालय के बाहर जमीन पर बैठकर मीटिंग की। ब्लाक प्रशासन की बेरुखी और मनमानी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। इस दौरान प्रधानों ने कहा कि गांवों में करवाए जा रहे विकास कार्यों के निरीक्षण के नाम पर प्रधनों का उत्पीड़न किया जाता है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रधानों ने कहा कि गांवों में विकास कार्यों की जांच के लिए बीडीओ और एडीओ जाते हैं, लेकिन ब्लाक मुख्यालय पर बनाए गए टायलेट में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जबकि यहां पर पूरे ब्लाक से रोजाना सैकड़ों लोगों का आवागमन बना रहता है, बावजूद इसके यहां के शौचालय की साफ-सफाई कभी नहीं करवाई जाती। इस प्रकरण को लेकर खंड विकास अधिकारी से संपर्क किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
प्रधानों ने अपनी समस्याओं पर चर्चा की और अल्टीमेटम दिया कि यदि उनकी समस्याओं पर समय रहते गौर नहीं किया गया तो ब्लाक मुख्यालय में तालाबंदी की जाएगी। मीटिंग में प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र त्रिपाठी, प्रधान संघ अध्यक्ष लल्लन पासी, संगठन मंत्री जानकी नाथ यादव, महामंत्री रामू तिवारी, राम गणेश मौर्य, रविराज, कमलेश पटेल, संदीप कुमार, प्रेमसुख, सत्यार्थी, बिजल साहू, संजय यादव, शिवकेशव यादव के साथ चंचल मिश्र समेत तमाम प्रधान मौजूद रहे।

