पुलिस की बर्बरता से युवक की हालत नाजुक, चार घंटे जाम रहा प्रयागराज-अयोध्या हाईवे
प्रयागराज (धीरेंद्र केसरवानी). सैकड़ों ग्रामीणों ने सोरांव पुलिस के ऊपर युवक की पिटाई का आरोप लगाते हुए जमकर रोष निकाला। आक्रोश का असर प्रयागराज से फैजाबाद जाने वाले हाईवे (Prayagraj-Ayodhya highway) के साथ-साथ सिकंदरा-फूलपुर मार्ग पर भी दिखा। दोनों मार्गों को जाम करने के साथ ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। चक्काजाम की वजह से चार से पांच घंटे तक दोनों तरफ वाहनों का आवागमन ठप रहा।
बाद में इस प्रदर्शन में अधिवक्ताओं की पहल पर मामले का निपटारा हो सका। अधिवक्ताओं और सोरांव पुलिस की संयुक्त वार्ता के पश्चात ग्रामीण जाम हटाने को राजी हुए।
जानकारी के अनुसार सोरांव थाना क्षेत्र के दाउदपुर नेवादा गांव की एक युवती लगभग 20-25 दिन पूर्व गायब हो गई थी। जिस पर पुलिस द्वारा सीडीआर के आधार पर गांव के धर्मेंद्र कुमार पुत्र चंद्रपाल को बीते शनिवार को पूछताछ के लिए उठाया गया था।
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आरोप है कि पूछताछ के दौरान रात में थाने में नियुक्त दरोगा सुनील कुमार व कांस्टेबल विपिन कुमार ने धर्मेंद्र की जमकर पिटाई कर दी। आरोपित है कि पुलिस ने धर्मेंद्र के साथ इस हद तक बर्बरता की कि उसकी हालत खराब हो गई। धर्मेंद्र की हालत बिगड़ने पर पुलिस ने आनन-फानन में उसे परिजनों के हवाले कर दिया।
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दूसरी तरफ धर्मेंद्र की हालत को देखते हुए परिजन धर्मेंद्र को लेकर फिर से थाने पहुंचे और पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया तो पुलिस ने घायल को पहले सीएचसी सोरांव भेजा, इसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाकर मामले से पल्ला झाड़ लिया।
इसी बीच धर्मेंद्र की हालत काफी नाजुक देख सोमवार को परिजन व सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पुलिस विरोधी नारेबाजी करते हुए प्रयागराज (इलाहाबाद)-प्रतापगढ़ राजमार्ग (Prayagraj-Ayodhya highway) सहित सोरांव- फूलपुर मार्ग भी अवरुद्ध कर दिया और आरोपी पुलिसकर्मी व दरोगा के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करने और गिरफ्तारी की मांग शुरू कर दी।

घटना की सूचना जब एसीपी सोरांव शैलेंद्र सिंह को मिली तो वह मौके पर पहुंच गए, ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी जिद पर अड़े ही रहे। उधर, चक्काजाम लगभग चार घंटे तक लगे रहने के कारण थाने से सटे तहसील के अधिवक्ताओं को आने-जाने में दिक्कत होने लगी तो अधिवक्ता व पुलिस की संयुक्त वार्ता करने पर ग्रामीण आरोपी दारोगा व पुलिस के विरुद्ध एफआईआर के आश्वासन पर चक्का जाम समाप्त किया।
घंटों चक्काजाम रहने से न केवल आने जाने वाले राहगीरों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा, बल्कि सोरांव पुलिस के भी हाथ-पांव फूल रहे।
