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सोमालिया में 26/11 जैसा आतंकवादी हमला, सुरक्षाबलों ने सभी हमलावरों को मार गिराया

नई दिल्ली. अफ्रीकी देश सोमालिया की राजधानी मोगादिशु के जिस होटल में शुक्रवार की शाम से वहां की सेना ने चरमपंथी संगठन अल शबाब के खिलाफ पिछले 30 घंटे से संघर्ष छेड़ रखा था, अब उसे सुरक्षाबलों ने खत्म करने की घोषणा की है। सुरक्षाबलों ने दावा किया है कि होटल हयात को चरमपंथियों के चंगुल से मुक्त करा लिया गया है, जिस पर चरमपंथी संगठन अल शबाब ने हमला किया था। सुरक्षाबलों के अनुसार 30 घंटे से भी ज्यादा चले इस युद्ध में 15 लोग मारे गए हैं। मरने वाले सभी स्थानीय नागरिक हैं और 50 से ज्यादा घायल हुए हैं। हालांकि, वहां की स्थानीय मीडिया के अनुसार मरने वालों की संख्या और ज्यादा हो सकती है। वहीं राजधानी मोगादिशु के मुख्य ट्रामा सेंटर के निदेशक के मुताबिक 50 से ज्यादा घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार हमलावरों ने शुक्रवार की शाम को होटल हयात में घुसने के लिए दो कार बम धमाके किए थे। होटल में घुसने के बाद चरमपंथियों ने वहां मौजूद अतिथियों को बंधक बना लिया था। हालांकि होटल को चरमपंथियों के कब्जे से छुड़ा लिया गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी होना बाकी है। इस्लामी चरमपंथी संगठन अल शबाब ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

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समाचार एजेंसी एएफपी से हुई बातचीत में एक अधिकारी ने बताया कि होटल को चरमपंथियों के चंगुल से मुक्त करा लिया गया है। हथियार बंद लड़ाके मारे जा चुके हैं। उनके अनुसार अब होटल में कोई फायरिंग नहीं हो रही है। शुक्रवार की रात एवं शनिवार को सुरक्षाबलों के द्वारा चलाए गए इस अभियान में काफी बमबारी हुई है। इससे होटल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।

सामने आए वीडियो में विस्फोट होते एवं होटल की इमारत से धुआं निकलता देखा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि द हयात होटल राजधानी मोगादिशु की सबसे लोकप्रिय जगहों में से एक है, जहां संघीय सरकार के कर्मचारी अक्सर बैठक करते हैं।

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कौन है चरमपंथी संगठन अल शबाबः अल शबाब सोमालिया का एक चरमपंथी इस्लामिक संगठन है, जिसका संबंध अलकायदा से है। हालांकि अल शबाब सोमालिया के दक्षिण एवं मध्य शक के शहरों में कमजोर हुआ है। इसके बावजूद इस चरमपंथी संगठन का सोमलिया के एक बड़े हिस्से पर अभी भी कब्जा बरकरार है। गौरतलब है कि अल शबाब एक अरबी शब्द है, जिसका अर्थ है नौजवान होता है। चरमपंथी संगठन अल शबाब का जन्म 2006 में इस्लामिक कोर्ट यूनियन की कट्टरपंथी कट्टरपंथी युवा शाखा के रूप में हुई थी।

चरमपंथी संगठन का नेता अहमद आब्दीः चरमपंथी संगठन का नेता अहमद अब्दी गोडाने है। आमतौर पर उसे मुख्तार अबू जुबैर के नाम से जाना जाता है। वह सोमाली लैंड से अलग हुए उत्तरी क्षेत्र से संबंध रखता है। संगठन में सबसे अधिक लड़ा के दक्षिण क्षेत्र से आते हैं। जिनकी संख्या 8000 से 9000 के बीच में है। गोडाने को सार्वजनिक स्थानों पर बहुत कम देखा जाता है। फरवरी 2012 से यह संगठन अलकायदा से जुड़ा मौजूदा समय में यह अलकायदा के साथ मिलकर काम कर रहा है।

सोमालिया में दो दशक से गृहयुद्ध जैसे हालातः अल शबाब इस्लाम के वहाबी संस्करण की वकालत करता है। जबकि ज्यादातर सोमाली सूफी हैं। अल शबाब ने बड़ी संख्या में सूफी धार्मिक स्थल तोड़े हैं। कुल मिलाकर अगर समय की सुई को थोड़ा पीछे ले जाएं तो विगत 20 सालों में यानी 2012 में सोमालिया को अपनी पहली केंद्रीय सरकार मिली थी एवं संसद बहाल हुई थी। देश को नया संविधान मिला था। सोमालिया अफ्रीका के अति पिछड़े देशों में शुमार है, जहां पर विगत दो दशकों से भी ज्यादा समय से गृहयुद्ध जैसे हालात हैं। अफ्रीका में हुए कई आत्मघाती, आतंकवादी हमलों में अल शबाब का हाथ रहा है चाहे वह है केन्या का धमाका हो या फिर कंपाला का धमाका।

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