UP में ‘जी राम जी’ योजना का गांव-गांव होगा प्रचार

लखनऊ (विजय मिश्र). प्रदेश में रोजगार और आजीविका को लेकर योगी सरकार की पहल अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के लाभों को आमजन तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव चौपालों का आयोजन किया जाएगा। इन चौपालों के माध्यम से रोजगार, प्रशिक्षण और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की जानकारी सीधे ग्रामीणों को दी जाएगी।
सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक परिवार तक रोजगार से जुड़ी जानकारी और अवसर पहुंचें। इसके लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी की जाएं। चौपालों के जरिए लोगों को योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।
इस अभियान के तहत पूरे प्रदेश में सरकारी कार्यालयों, ग्राम पंचायत भवनों, सामुदायिक सभागारों और ग्राम सभा स्थलों पर पोस्टर, बैनर और वाल पेंटिंग लगाई जाएंगी। इन माध्यमों से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी से वंचित न रह जाए।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम (VB-G RAM G) को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। चौपालों में न केवल योजनाओं की जानकारी दी जाएगी, बल्कि रोजगार के अवसरों, काम के अधिकारों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी खुला संवाद होगा। इसके साथ ही घर-घर तक योजना की जानकारी पहुंचाने की रणनीति अपनाई जाएगी।
योजना के प्रचार के लिए स्कूलों, सामुदायिक हॉल, सार्वजनिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी सूचना सामग्री और लोगो लगाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंचे और वे योजनाओं का लाभ उठा सकें।
चौपालों के माध्यम से ग्रामीण अपनी जरूरतें और सुझाव सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। इससे रोजगार से जुड़े फैसलों में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित होगी और योजनाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बेहतर बनाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब गांव सशक्त होंगे और हर हाथ को काम मिलेगा। इसी उद्देश्य से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि हर जरूरतमंद तक पहुंचें। यह अभियान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।


