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अमेरिकी वीज़ा नियमों में सख्ती, 38 देशों के नागरिकों से लिया जाएगा बांड

The live ink desk. अमेरिका ने अल्पकालिक वीज़ा नीति में बड़ा बदलाव करते हुए नेपाल सहित 38 देशों के नागरिकों के लिए आर्थिक बॉन्ड की व्यवस्था लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब बी-1 (व्यावसायिक) और बी-2 (पर्यटन अथवा तात्कालिक यात्रा) वीज़ा के आवेदकों को अधिकतम 15 हजार अमेरिकी डॉलर तक का बॉन्ड जमा करना पड़ सकता है।

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार वीज़ा बॉन्ड पायलट प्रोग्राम के दायरे का विस्तार करते हुए 25 नए देशों को इसमें शामिल किया गया है, जिससे कुल देशों की संख्या 38 हो गई है। नेपाल को भी इसी श्रेणी में रखा गया है। यह प्रावधान 21 जनवरी से प्रभावी होगा, जबकि पायलट प्रोग्राम की शुरुआत अगस्त 2025 में की गई थी।

नई नीति के तहत वीज़ा साक्षात्कार के दौरान कांसुलर अधिकारी यह तय करेगा कि आवेदक से 5,000, 10,000 या 15,000 डॉलर का बॉन्ड लिया जाए। बॉन्ड जमा करने के लिए आवेदकों को होमलैंड सिक्योरिटी विभाग का फॉर्म I-352 भरना होगा तथा भुगतान अमेरिकी ट्रेज़री की आधिकारिक वेबसाइट Pay.gov के माध्यम से करना अनिवार्य होगा। किसी भी तृतीय-पक्ष वेबसाइट के जरिए किए गए भुगतान की जिम्मेदारी अमेरिकी सरकार नहीं लेगी।

स्टेट डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि यह पायलट योजना उन देशों पर केंद्रित है, जहां से वीज़ा अवधि से अधिक समय तक अमेरिका में रुकने के मामले अधिक सामने आते रहे हैं। बॉन्ड देने वाले यात्रियों को अमेरिका में प्रवेश और निकास केवल चयनित हवाई अड्डों—जैसे न्यूयॉर्क का जॉन एफ. केनेडी, बोस्टन लोगन और वाशिंगटन दुलेस—से ही करना होगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में प्रवेश या निकास से जुड़ी कठिनाइयां आ सकती हैं।

हालांकि, यदि वीज़ा धारक निर्धारित अवधि के भीतर अमेरिका छोड़ देता है, या वीज़ा की समाप्ति से पहले यात्रा नहीं करता, अथवा प्रवेश बंदरगाह पर उसे प्रवेश की अनुमति नहीं मिलती, तो जमा किया गया बॉन्ड स्वतः रद्द कर दिया जाएगा और राशि वापस कर दी जाएगी।

इस नीति के तहत नेपाल के अलावा बांग्लादेश, भूटान, नाइजीरिया, वेनेजुएला, तंज़ानिया, ज़ाम्बिया और ज़िम्बाब्वे सहित कई अन्य देशों के नागरिक भी शामिल किए गए हैं।

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