पश्चिम बंगाल में निजी कंपनी पर ईडी द्वारा की जा रही कार्रवाई पर तृणमूल ने किया विरोध, भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर उठाए सवाल
नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के विरोध में तृणमूल कांग्रेस द्वारा किए गए प्रदर्शन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ईडी की वैधानिक कार्रवाई से मुख्यमंत्री का इस तरह विचलित होना कई सवाल खड़े करता है।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि आज़ाद भारत के इतिहास में ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा गया, जब किसी राज्य की मुख्यमंत्री जांच एजेंसी की कार्रवाई के दौरान निजी परिसर में पहुंचकर अधिकारियों से टकराव करें। उन्होंने दावा किया कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में ईडी की जांच चल रही थी, इसी दौरान मुख्यमंत्री मौके पर पहुंचीं और एजेंसी के अधिकारियों को कथित रूप से धमकाया गया।
कोयला तस्करी और हवाला लेनदेन
उन्होंने बताया कि ईडी को कोयला तस्करी और हवाला लेनदेन से जुड़े मामलों में कई अहम सूचनाएं मिली हैं, जिसके आधार पर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई। प्रतीक जैन से जुड़ी एक कंसल्टेंसी फर्म पर करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का आरोप है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह जानकारी ईडी के आधिकारिक बयान में भी दर्ज है, जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।
छापास्थल पर सीएम का पहुंचना गंभीर
भाजपा नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि यह छापा न तो मुख्यमंत्री के आवास पर था, न ही किसी तृणमूल नेता या पार्टी कार्यालय पर। कार्रवाई एक निजी कंसल्टेंसी फर्म के खिलाफ की जा रही थी, इसके बावजूद मुख्यमंत्री और उनके साथ पुलिस अधिकारियों का वहां पहुंचना और जांच में हस्तक्षेप करना गंभीर विषय है।
बंगाल में रोकी जा रही जांच प्रक्रिया
रविशंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री के व्यवहार को असंवैधानिक और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत बताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्रशासनिक अनुभव रखने वाली मुख्यमंत्री से ऐसे आचरण की अपेक्षा नहीं की जा सकती। भाजपा ने आरोप लगाया कि बंगाल में केंद्रीय जांच एजेंसियों को काम करने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है और इस पूरे घटनाक्रम की पार्टी कड़े शब्दों में निंदा करती है।