
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में उमड़ा गौरव का भाव, शौर्य यात्रा में प्रधानमंत्री की सहभागिता
The live ink desk. गुजरात के पावन तीर्थ सोमनाथ (Somnath) में आयोजित स्वाभिमान पर्व ने राष्ट्रगौरव और ऐतिहासिक चेतना को एक बार फिर जीवंत कर दिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। शौर्य यात्रा में भाग लेकर प्रधानमंत्री भावविभोर नजर आए और उन्होंने इस अनुभव को सामाजिक माध्यमों पर साझा किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर कार्यक्रम की झलकियां पोस्ट करते हुए कहा कि शौर्य यात्रा का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योद्धाओं को नमन करते हुए कहा कि उनका अद्वितीय साहस और बलिदान देश की पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।


इससे पूर्व अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सोमनाथ (Somnath) की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भूमि केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि आत्मबल और संकल्प की प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हजार वर्ष पूर्व जिन आक्रमणकारियों ने भारत की आस्था को चुनौती देने का प्रयास किया था, वे यह समझ बैठे थे कि उन्होंने देश की आत्मा को पराजित कर दिया है, लेकिन आज भी सोमनाथ मंदिर पर लहराती ध्वजा भारत की अडिग शक्ति और सामर्थ्य का उद्घोष कर रही है।
रविवार को गिर सोमनाथ (Somnath) जिले में आयोजित इस शौर्य यात्रा का आयोजन उन वीर संतानों की स्मृति में किया गया, जिन्होंने मंदिर की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत निकाली गई 108 घोड़ों की प्रतीकात्मक शोभायात्रा ने वीरता, त्याग और बलिदान की भारतीय परंपरा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। यह आयोजन इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का अनुपम संगम बनकर उपस्थित जनसमूह के मन में गहरी छाप छोड़ गया।



